यूनिटी मेटा टोकन में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर 11.60 लाख की ठगी, तीन आरोपित गिरफ्तार
रायगढ़, 19 अक्टूबर (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय करेंसी एवं डिजिटल टोकन में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी करने वाले तीन आरोपिताें को रायगढ़ साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपिताें ने यूनिटी मेटा टोकन एवं बीड क्वाइन में निवेश के नाम पर ओडिशा निवासी युवक से 11 लाख 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। मामले में थाना साइबर, रायगढ़ में अपराध क्रमांक 16/2026, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। गिरफ्तार तीनों आरोपिताें को आज साेमवार काे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित विक्रम परिडा (उम्र 26 वर्ष) निवासी ग्राम डिपाटपुर, जिला गंजाम (ओडिशा), वर्तमान निवासी कसेर पारा, चक्रधरनगर, रायगढ़ ने पुलिस को लिखित शिकायत दी कि वह वर्ष 2024 से रायगढ़ में रह रहा है। इसी दौरान उसकी पहचान गजुला मोहन (उम्र 45 वर्ष) से हुई, जो चक्रधरनगर क्षेत्र में फास्ट फूड दुकान में कुक का काम करता था।
आरोप है कि गजुला मोहन ने यूनिटी मेटा टोकन एवं बीड क्वाइन जैसे डिजिटल टोकन में निवेश कर स्वयं लाभ अर्जित करने की बात कहकर पीड़ित को भी अधिक मुनाफे का लालच दिया। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने अपना खेत बेच दिया और 25 जुलाई 2024 से 3 सितंबर 2024 के बीच कुल 11 लाख 60 हजार रुपये निवेश कर दिए।
आरोपितों ने रकम प्राप्त करने के लिए चंदन दास के माध्यम से बीड क्वाइन से जुड़े कार्य करने वाले भावेष पटेल के बैंक खाते का उपयोग किया। निवेश के बाद पीड़ित को न तो कोई लाभ मिला और न ही उसकी मूल रकम वापस की गई। बार-बार पैसे मांगने पर भी रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित गजुला मोहन के विरुद्ध वर्ष 2025 में भी चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में विवेकानंद राउत, देवेंद्र महापात्रे और शरद जैन से संबंधित धोखाधड़ी की शिकायत पर अपराध दर्ज किया गया था। आरोप है कि उस मामले में न्यायालय से स्टे प्राप्त करने के बाद आरोपित फरार हो गया था। पुलिस इस पुराने मामले से संबंधित तथ्यों और वर्तमान प्रकरण में आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर पुलिस को त्वरित कार्रवाई कर आरोपितों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के स्टेटमेंट प्राप्त कर उनका अवलोकन किया, जिसमें पीड़ित एवं आरोपितों के बीच रकम के लेन-देन की जानकारी सामने आई।
विवेचना के दौरान तीन आरोपित गजुला मोहन, चंदन दास (उम्र 33 वर्ष) निवासी ग्राम साबामूला, थाना जगतसिंहपुर (ओडिशा) और भावेष पटेल (उम्र 28 वर्ष) निवासी कारीछापर, थाना पुसौर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपितों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। आरोपितों ने अपराध में प्रयुक्त अपने-अपने मोबाइल फोन भी पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किए, जिन्हें जांच में शामिल किया गया है।
यह भी जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपित गजुला मोहन के संपर्क ओडिशा और मुंबई तक होने तथा रकम आगे अन्य लोगों तक भेजे जाने के संबंध में भी जानकारी मिली है। इस पहलू पर पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि ठगी की पूरी कड़ी, रकम के लेन-देन और अन्य संलिप्त व्यक्तियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने कार्रवाई उपरांत आज सोमवार को तीनों आरोपितों काे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान

