(अपडेट) प्लास्टर गिरने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने मेंटेनेंस प्रबंधक को किया गिरफ्तार
नोएडा, 07 जून (हि.स.)। ग्रेनो वेस्ट की अरिहंत अंबर सोसाइटी में प्लास्टर गिरने से हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार शाम को मेंटेनेंस प्रबंधक दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित के खिलाफ लापरवाही से मृत्यु की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह की मीडिया प्रभारी विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि अरिहंत अंबर सोसाइटी में 45 वर्षीय विकास चावला परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में बच्चे, पत्नी, माता-पिता हैं। विकास एक कंपनी में कार्यरत थे। वह डी टावर से बाइक पर सवार होकर बाजार जा रहे थे। टावर की ऊपरी मंजिल से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा उनके ऊपर गिर गया। इससे उनकी बाइक संतुलन खो बैठी और दीवार में जा टकराई। घटना में विकास गंभीर रूप से घायल हो गए। लोग तत्काल उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने विकास को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद लोगों ने आरोप लगाया था कि जर्जर प्लास्टर के बारे में कई बार बिल्डर प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे पहले भी ग्रेनो वेस्ट की कई सोसाइटी में प्लास्टर गिरने के कारण लोगों को चोटें लग चुकी हैं।
इस मामले में विकास चावला के भाई ने बिसरख कोतवाली में सोसाइटी प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में मेंटेनेंस प्रभारी दीपक को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) के तहत मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य लोगों से भी पूछताछ जारी है।
अरिहंत अंबर सोसाइटी के लोगों में इस हादसे के बाद से ही भय व्याप्त है। लोगों का कहना है कि वह पूर्व में भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठा चुके हैं। एक माह पूर्व जिलाधिकारी को भी इस मामले में पत्र भेजकर भवन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर शिकायत की गई थी। लोगों का दावा है कि वर्ष 2023 से सोसाइटी की संरचनात्मक कमजोरियों को लेकर हाईकोर्ट और रेरा में मामले लंबित हैं, लेकिन अब तक बिल्डर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सोसाइटी के लोगों का कहना है कि विकास अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सोसाइटी के लोगों ने स्वैच्छिक सहयोग अभियान शुरू किया है और आर्थिक सहायता के लिए फंड जुटाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और मंडलायुक्त को पत्र भेजकर मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने, परिवार के किसी सदस्य को सरकारी या निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है। यहां के निवासी अमित गुप्ता ने बताया कि सोसाइटी की इमारत की हालत के बारे में शिकायत की जा रही थी, परंतु इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस घटना के बाद सोसाइटी के लोगों को अपनी जान की चिंता सता रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

