धरमजयगढ़ में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, दंपति की हत्या मामले में दाे आराेपित गिरफ्तार
रायगढ़, 18 जुलाई (हि.स.)। धरमजयगढ़ पुलिस ने ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में दंपति की निर्मम हत्या एवं शव जलाकर साक्ष्य मिटाने के सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का मात्र 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को आज शनिवार काे गिरफ्तार किया है। आरोपिताें ने वर्षों पुराने भूमि विवाद की रंजिश में दंपति की टांगी से हत्या कर उनके शवों एवं घर में आग लगा दी थी, ताकि हत्या को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
15 जुलाई 2026 को थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम क्रोंधा निवासी मंगल राठिया (65 वर्ष) एवं उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55 वर्ष) के घर के भीतर दोनों के जले हुए शव मिलने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े, थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड तथा थाना धरमजयगढ़, कापू एवं रैरूमाखुर्द का पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पहुंचा। घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए गए तथा दोनों शवों का पंचनामा एवं पोस्टमार्टम कराया गया।
मृतक के यहां कार्य करने वाले रामलाल चौहान ने बताया कि वह पिछले लगभग तीन वर्षों से मृतक मंगल राठिया के घर में कार्य कर रहा है। 14 जुलाई को वह प्रतिदिन की तरह काम कर शाम को अपने घर चला गया था। उस समय घर में केवल मंगल राठिया और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया मौजूद थे।
15 जुलाई की सुबह लगभग 6 बजे जब वह काम पर पहुंचा तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला। अंदर जाने पर घर के सभी दरवाजे खुले थे तथा एक कमरे से धुआं निकल रहा था। कमरे के बाहर से देखने पर उसने मंगल राठिया का शव जली हुई अवस्था में जमीन पर पड़ा देखा तथा उसके पास ही उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया का भी जला हुआ शव पड़ा था। इसके बाद उसने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी।
थाना धरमजयगढ़ में अज्ञात आरोपिताें के विरुद्ध अपराध क्रमांक 189/2026, धारा 103(1), 238(बी), 326(जी) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
घटनास्थल पर मिले हत्या में प्रयुक्त टांगी की गंध लेकर पुलिस डॉग रूबी ने श्याम लाल राठिया तक पहुंचने का संकेत दिया। वहीं गवाहों से पूछताछ में मृतक एवं श्याम लाल राठिया के परिवार के बीच पूर्व से भूमि विवाद होने की जानकारी मिली। पुलिस डॉग के संकेत, एफएसएल साक्ष्यों, ह्यूमन इंटेलिजेंस तथा वैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर संदेही श्याम लाल राठिया एवं उसके भाई जीवन लाल राठिया से अलग-अलग पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में आरोपिताें ने बताया कि वर्ष 2013 में उन्होंने एक भूमि खरीदी थी, जिसे बाद में अधिक कीमत मिलने पर मूल विक्रेता ने मृतक मंगल राठिया को बेच दिया था। समझौते के तहत आरोपिताें को उनकी राशि वापस मिल गई थी, लेकिन मृतक द्वारा उसी भूमि पर मकान बनाकर खेती करने से दोनों भाइयों के मन में लगातार रंजिश बनी रही। इसी रंजिश के चलते दोनों ने 14 जुलाई की रात टांगी लेकर मृतक के घर में प्रवेश किया। दरवाजा खुलते ही मंगल राठिया पर टांगी से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। शोर सुनकर बाहर आई उनकी पत्नी पुनाई बाई की भी टांगी से हत्या कर दी। इसके बाद दोनों आरोपिताें ने शवों पर घर में रखे कपड़े, सोफा कवर एवं अन्य सामान डालकर आग लगा दी तथा दो कमरों में भी आग लगाकर हत्या के साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। घटना में प्रयुक्त टांगी वहीं छोड़कर दोनों मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपिताें के मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में प्रयुक्त टांगी एवं घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर जब्त कर लिए हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान

