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ऑनलाइन सट्टा का सबसे बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, तीन प्रमुख आराेपित गिरफ्तार

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ऑनलाइन सट्टा का सबसे बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, तीन प्रमुख आराेपित गिरफ्तार


ब्लैक मनी को हवाला के नोट से व्हाइट करने वाले संगठित गिरोह पर रायगढ़ पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई

रायगढ़, 13 मई (हि.स.)। जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ पुलिस ने एक संगठित सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह आज बुधवार काे पत्रकारवार्ता में बताया कि जिले में संचालित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा केवल जुए तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन, ब्लैक मनी के संचलन, हवाला नेटवर्क और आर्थिक अपराधों का पूरा संगठित तंत्र सक्रिय था। इस कार्रवाई में पुलिस ने सट्टे से अर्जित अवैध धन को वैध स्वरूप देने के प्रमाण जुटाते हुए तीन प्रमुख आरोपिताें करन चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। आरोपिताें के कब्जे से एक करोड़ दाे लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, एक नोट गिनने की मशीन, चार मोबाइल फोन तथा अन्य सामग्री सहित कुल एक करोड़ तीन लाख 86 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

उल्लेखनीय है कि 26 अप्रैल को साइबर सेल, थाना कोतवाली और थाना घरघोड़ा की संयुक्त टीम ने रायगढ़ शहर एवं घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर एक साथ दबिश देकर छह आरोपिताें को गिरफ्तार किया गया था। आरोपितों से सात मोबाईल कीमती करीब ढाई लाख रूपये नगदी रकम- 15,490 रूपये की जब्ती हुई थी।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने रायगढ़ के खाईवाल करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के इशारे पर पूरे नेटवर्क के संचालन की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल इनपुट, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और फाइनेंशियल एनालिसिस के जरिए पूरे सिंडिकेट की परत-दर-परत जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपित करन चौधरी लंबे समय से रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का संचालन कर रहा था। सट्टे से प्राप्त बड़ी रकम को सीधे अपने पास न रखकर वह परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से कैश डंप करता था, जिसे बाद में हवाला चैनल के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि कृष्ण प्राइड टावर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल इस पूरे मनी मूवमेंट नेटवर्क के अहम हिस्से थे और सट्टे से प्राप्त ब्लैक मनी को हवाला के जरिए व्हाइट करने का कार्य कर रहे थे। पुलिस ने करन चौधरी से मिली सूचना पर कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट में छापेमार कार्रवाई की, जहां से सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किया गया। वहीं पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद तथा दो मोबाइल जब्त किए गए। इससे पहले करन चौधरी के कब्जे से नगदी और मोबाइल फोन बरामद किया गया था। इलेक्ट्रॉनिक डाटा, चैट रिकॉर्ड, यूपीआई लेनदेन और वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल सट्टेबाजी नहीं बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट के रूप में संचालित हो रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी अपने निजी बैंकिंग या डिजिटल अकाउंट का उपयोग करने के बजाय कर्मचारियों, परिचितों और सहयोगियों के खातों एवं मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।

फरार आरोपित जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार की भूमिका- फरार आरोपित जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार इस सिंडिकेड की अहम कड़ी है, गुड्डा सरदार आरोपित करन के साथ मिलकर सक्ती, खरसिया, रायगढ़ और रायपुर में ऑनलाइन जुआ खिलाता था, जिसकी गिरफ्तारी से कुछ अहम जानकारी मिलने की संभावना है, जिससे और भी आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी ।

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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान