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शिमला: जहरीला पदार्थ खाने से नेपाली मूल के व्यक्ति की मौत

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शिमला, 08 मार्च (हि.स.)। शिमला जिला के ठियोग उपमण्डल में संदिग्ध जहरीला पदार्थ खाने से एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार मृतक को पहले उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठियोग से इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला रेफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

ठियोग पुलिस को शनिवार को आईजीएमसी से सूचना मिली कि नेपाली मूल के रिक्खी राम को ठियोग के हलोटू गांव से उपचार के लिए आईजीएमसी भेजा गया था। लेकिन उसकी मौत हो गई है। मृतक वर्तमान में ठियोग क्षेत्र में रह रहा था।

सूचना मिलने के बाद मामले की जांच के लिए पुलिस दल आईजीएमसी शिमला भेजा गया। जांच के दौरान रिक्खी राम का शव आईजीएमसी के शवगृह में रखा हुआ मिला। उस समय अस्पताल में मृतक की पत्नी काजल, साला राजू और हलोटू गांव की निवासी अनीता शर्मा मौजूद थे।

पुलिस ने इनकी मौजूदगी में शव का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान मृतक के शरीर पर किसी प्रकार की चोट या खरोंच के निशान नहीं पाए गए। हालांकि मृतक के मुंह से झाग और तरल पदार्थ निकलता हुआ पाया गया, जिससे जहरीला पदार्थ खाने की आशंका जताई जा रही है।

इसके बाद डॉक्टर द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया और शव को सुरक्षित रखा गया। पुलिस ने इस दौरान परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए।

प्रारंभिक जांच और गवाहों के बयानों से पता चला है कि रिक्खी राम मार्च 2024 में अपने परिवार के साथ ठियोग के हलोटू गांव आया था। वह यहां अनीता शर्मा के बगीचे की देखभाल का काम करता था और उसी के पास रह रहा था। पुलिस के अनुसार रिक्खी राम शराब पीने का आदी था और पिछले तीन दिनों से लगातार शराब का सेवन कर रहा था। आशंका जताई जा रही है कि शराब के नशे में उसने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया हो।

पुलिस के अनुसार मृतक के परिजनों ने फिलहाल उसकी मौत को लेकर किसी पर कोई शक जाहिर नहीं किया है। हालांकि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा