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नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा, सात आरोपित गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल

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रायपुर, 04 जुलाई (हि.स.)। राज्य में अवैध शिकार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में कवर्धा परियोजना मंडल ने आज शनिवार को नर चीतल के अवैध शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपितों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।

वन विकास निगम के बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट स्थित जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर लगभग तीन वर्ष के नर चीतल का शिकार किया। इसके बाद उसके मांस को पकाकर आपस में बांटने की तैयारी की जा रही थी।

मुखबिर से मिली सूचना पर वन विकास निगम की टीम ने तत्काल योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी और सभी सात आरोपितों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान आरोपितों के कब्जे से लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाड़ियां, स्टील के तार एवं लकड़ी से बने फंदे तथा खून से सना थैला बरामद कर जब्त किया गया। आरोपितों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

वन विभाग आधुनिक निगरानी व्यवस्था, नियमित गश्त और प्रभावी सूचना तंत्र के माध्यम से वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने का कार्य कर रहा है।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि, वन्यजीवों का अवैध शिकार करने या प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वन मंत्री कश्यप ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। यदि कहीं भी अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर