धार : पीथमपुर-मनावर में ऑनलाइन ठगी के चार मामले, 4.06 लाख रुपये की धोखाधड़ी
धार, 28 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार जिले में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। साइबर ठग बैंक खातों को निशाना बनाकर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। ताजा मामलों में पीथमपुर के तीन और मनावर के एक व्यक्ति के बैंक खातों से अज्ञात आरोपितों ने कुल 4 लाख 6 हजार 243 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की है। जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष से सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार, चारों पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीथमपुर में ऑनलाइन ठगी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पहले मामले में पाल भूपत सिंह (41), निवासी ग्राम सुथरी, थाना कोठारा, जिला भुज-कच्छ (गुजरात), वर्तमान निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पीथमपुर ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैंक खाते से ऑनलाइन धोखाधड़ी कर 69 हजार रुपये निकाल लिए।
दूसरे मामले में हर्षोद तलेले (48), निवासी एई-764, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पीथमपुर के बैंक खाते से अज्ञात व्यक्ति ने 95 हजार रुपये निकाल लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
तीसरे मामले में वृंदावन कॉलोनी, पीथमपुर निवासी सतेन्द्र सिंह (45) के बैंक खाते से अज्ञात बदमाश ने 1 लाख 94 हजार 243 रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। बड़ी रकम की धोखाधड़ी से पीड़ित को आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी का चौथा मामला मनावर से सामने आया है। जुनी मनावर निवासी लोकेश पाटीदार (43) ने पुलिस को शिकायत में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके बैंक खाते से 48 हजार रुपये निकाल लिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
जिले में लगातार सामने आ रहे साइबर ठगी के मामले लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों की बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन संबंधी जानकारी हासिल कर रकम निकाल रहे हैं। ऐसे में बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन लेनदेन करने से भी बचना चाहिए। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल संबंधित बैंक और पुलिस को सूचना देना जरूरी है। चारों मामलों में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिए हैं और अज्ञात आरोपितों की पहचान तथा ठगी की रकम से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए जांच जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / Gyanendra Tripathi

