पीएचसी में इंजेक्शन के बाद युवती की मौत, सीएचसी पर 8 घंटे धरना
उदयपुर, 2 मई (हि.स.)। उदयपुर जिले के मांडवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। घटना के दूसरे दिन शनिवार को कोटड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के बाहर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक करीब 8 घंटे धरना चला। देर शाम प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार मांडवा क्षेत्र की आरती कुमारी को शुक्रवार दोपहर खांसी-जुकाम की शिकायत पर पीएचसी ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद जीएनएम ने बिना डॉक्टर की मौजूदगी के न तो कोई जांच की और न ही पर्ची बनाई, सीधे इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों में आरती की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
घटना से आक्रोशित परिजन मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग को लेकर अड़ गए। शव को कोटड़ा सीएचसी की मोर्चरी में रखकर धरना जारी रखा गया। दिनभर तहसीलदार, बीएमओ और पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाइश के कई दौर चले। डीएसपी डूंगरसिंह के अनुसार अंततः मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, संबंधित नर्सिंगकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज करने और 5 लाख रुपये के आर्थिक मुआवजे पर सहमति बनी।
परिजनों ने पीएचसी में तैनात डॉक्टर पर भी ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि डॉक्टर मौजूद होते तो ऐसी लापरवाही नहीं होती। मृतका आरती एसटीसी की छात्रा थी और शिक्षिका बनकर परिवार का सहारा बनना उसका लक्ष्य था।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

