गर्भवती चाची की गला दबाकर हत्या कर गार्डन में शव को दफनाने वाला गिरफ्तार
जयपुर, 29 सितंबर (हि.स.)। बिंदायका थाना इलाके की प्रेस्टीज गार्डन कॉलोनी में छह माह की गर्भवती महिला की हत्या कर शव मकान के सामने बने लॉन में दफनाने के मामले का पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बाराबंकी निवासी प्रवेश रावत (22) पुत्र रामू को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मृतका किरण (32) आरोपित की रिश्ते में चाची लगती थी और दोनों जनवरी से जयपुर में साथ रह रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि प्रवेश को किरण के किसी अन्य व्यक्ति से बात करने का शक था। इसी को लेकर विवाद के बाद उसने कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपित ने मकान के सामने लॉन में गड्ढा खोदा और शव को दफना दिया। पुलिस के अनुसार उसने शव के ऊपर नमक भी डाला था। वारदात के बाद मकान पर ताला लगाकर वह सामोद हनुमान मंदिर की यात्रा में शामिल हुआ और बाद में फैक्ट्री में काम करता रहा। 27 सितंबर को मकान से दुर्गंध आने पर वारदात का खुलासा हुआ था। पुलिस ने शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया अस्पताल भेजा था।
डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण के अनुसार शव मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित की तलाश शुरू की। प्रवेश मोबाइल बंद कर जयपुर से बाहर भाग गया। जांच में पता चला कि 27 सितंबर की सुबह वह फैक्ट्री गया और ठेकेदार से 500 रुपये उधार लिए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर उसका पीछा किया। मोबाइल चालू होने पर मिली लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने उसे यूपी की ओर जाते समय पकड़ा। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी में बिंदायका थानाधिकारी अनिल जैमिनी के नेतृत्व वाली टीम और आसूचना अधिकारी श्रीराम की भूमिका रही।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि किरण और प्रवेश के बीच संबंध थे। पुलिस के अनुसार प्रवेश जनवरी में किरण को उसके घर से अपने साथ जयपुर ले आया था। दोनों करीब दो माह से प्रेस्टीज गार्डन कॉलोनी के किराए के मकान में रह रहे थे। मकान मालिक कृष्ण कुमार मीणा (52) ने पुलिस को बताया कि मकान के 200 वर्गगज के प्लॉट में 100 वर्गगज में निर्माण है और बाकी हिस्सा सामने खाली था। करीब दो माह पहले बाराबंकी निवासी मंगल कुमार के कहने पर उसने प्रवेश को मकान किराए पर दिया था। प्रवेश ने किरण को अपनी पत्नी बताया था।
27 सितंबर को सुबह मकान मालिक देखरेख के लिए पहुंचा तो गेट पर ताला लगा मिला। अंदर लॉन में मिट्टी खुदी हुई थी और दुर्गंध आ रही थी। मिट्टी हटाने पर महिला का हाथ दिखाई दिया। सूचना पर बिंदायका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम की मदद से करीब चार घंटे की कार्रवाई के बाद शव बाहर निकाला गया। पहचान किरण के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार वह करीब छह माह की गर्भवती थी। शव पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में प्रवेश ने खुद को बचाने के लिए शुरुआत में अलग कहानी बताई। उसने कहा कि किरण ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी और डर के कारण उसने शव को दफना दिया। हालांकि पुलिस की जांच में हत्या की आशंका और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उससे पूछताछ जारी रही। पुलिस के मुताबिक उसने पूछताछ में हत्या करने और शव दफनाने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार आरोपित ने वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने रात में लॉन में गड्ढा खोदा, शव को उसमें दफन किया और ऊपर से नमक डालकर मिट्टी डाल दी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसे फिल्मों में देखे अपराध के दृश्यों से शव ठिकाने लगाने का तरीका सूझा। अब पुलिस हत्या के कारण, वारदात की परिस्थितियों और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

