खाकी का खौफ: 85 से अधिक बदमाशों की थानों में परेड, ड्रोन की नजरों से नहीं बच पाएंगे अपराधी
रायपुर, 12 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी रायपुर के पश्चिम क्षेत्र में अपराध की जड़ें खोदने और अपराधियों के मन में कानून का डर बिठाने के लिए पुलिस ने आज रविवार को गुंडा बदमाशों की परेड, बीएसयूपी कॉलोनी की चेकिंग एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर कड़ा संदेश दिया है। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) के कड़े तेवरों के बाद, पूरे क्षेत्र में अपराधियों के विरुद्ध एक सघन और निर्णायक अभियान छेड़ा गया।
बदमाशों की 'हाजिरी' और सख्त चेतावनी : पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) संदीप पटेल और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) राहुल देव शर्मा के जमीनी पर्यवेक्षण में, पश्चिम क्षेत्र के सभी थानों पुरानी बस्ती, डी.डी. नगर, आमानाका, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, न्यू राजेन्द्र नगर, मुजगहन और टिकरापारा में एक साथ कार्रवाई की गई। रिकॉर्ड परेड 85 से अधिक सूचीबद्ध निगरानी बदमाशों और चाकूबाजों को थानों में तलब कर उनकी कड़ी परेड ली गई। पुलिस ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अपराध की राह नहीं छोड़ी, तो सलाखों के पीछे ही उनकी जगह होगी।
अभियान के दौरान सक्रिय पाए गए 03 आदतन बदमाशों को तत्काल गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत जेल भेजने की तैयारी की गई।
आसमान से 'तीसरी आंख' की पहरेदारी : पुलिस ने इस बार केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि आसमान से भी अपराधियों की घेराबंदी की।ड्रोन सर्विलांस और कॉम्बिंग गश्त के जरिए बी.एस.यू.पी. कॉलोनियों और वाल्मीकि नगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को खंगाला गया। ड्रोन की मदद से संकरी गलियों और संदिग्ध ठिकानों की निगरानी की गई, जिससे अपराधियों में यह संदेश गया है कि अब वे पुलिस की नजरों से छिप नहीं पाएंगे।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि, यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। रायपुर की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के आकस्मिक अभियान और तकनीकी निगरानी भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

