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उमरिया: बाइक पर बैठे-बैठे युवक की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

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उमरिया: बाइक पर बैठे-बैठे युवक की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


उमरिया, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि युवक अपनी बाइक पर ही बैठा मिला और लंबे समय तक उसी स्थिति में रहने के बाद लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को मृत पाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस के अनुसार घटना चंदिया नगर स्थित अंग्रेजी शराब दुकान के सामने की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक बाइक से वहां पहुंचा, हेलमेट उतारकर वाहन पर टांगा, लेकिन बाइक से उतरने से पहले ही उसका सिर टंकी पर झुक गया। काफी देर तक उसके नहीं उठने पर आसपास मौजूद लोगों को संदेह हुआ। इसी दौरान तेज बारिश भी शुरू हो गई, लेकिन युवक में कोई हरकत नहीं हुई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने डायल-112 और चंदिया पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो युवक की मौत हो चुकी थी। उसकी पहचान आधार कार्ड के जरिए शिवकुमार बैगा (31) निवासी ग्राम झाला, थाना चंदिया के रूप में हुई। बताया गया कि उसका गांव घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर है।

मंगलवार काे मचंदिया थाना प्रभारी विजय सिंह पटले ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक करीब तीन घंटे तक बाइक पर उसी अवस्था में बैठा रहा। तेज बारिश और रात का समय होने के कारण किसी का ध्यान उस पर नहीं गया। शराब दुकान बंद करते समय संचालक ने युवक को उसी हालत में देखा और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और रात होने के कारण उसे मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया। मंगलवार सुबह परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया। पूछताछ में पता चला कि मृतक के पिता छत्तीसगढ़ में काम करते हैं और शिवकुमार वहीं से बाइक से लौट रहा था। बाइक पर घरेलू सामान और सूपा भी बंधा हुआ था, जिसे बारिश से बचाने के लिए प्लास्टिक से ढका गया था।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

यह घटना इस बात की मार्मिक याद दिलाती है कि जीवन कितना अनिश्चित है। करीब 200 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने वाला युवक अपने घर से महज 15 किलोमीटर पहले ही जिंदगी की अंतिम मंजिल पर पहुंच गया। जिन परिजनों को उसके घर लौटने का इंतजार था, उनके हिस्से अंततः उसका पार्थिव शरीर ही आया।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी