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यमुनानगर: करोड़ाें के धान घोटाले में हैफेड के वरिष्ठ प्रबंधक गिरफ्तार

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यमुनानगर, 16 मार्च (हि.स.) जिले में सामने आए करीब 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने हैफेड के वरिष्ठ प्रबंधक सलेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को तेजली स्टेडियम के निकट से हिरासत में लिया गया। उसके पास प्रतापनगर और रंजीतपुर क्षेत्र का प्रभार था, जहां धान के भंडारण और अभिलेखों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच एजेंसियों के अनुसार खरीफ सीजन के दौरान इन क्षेत्रों में आवंटित धान के स्टॉक और वास्तविक उपलब्धता में बड़ा अंतर पाया गया।

प्राथमिक जांच में पता चला कि जिन राइस मिलों को मिलिंग नीति के तहत धान आवंटित किया गया था, वहां भौतिक सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड से काफी कम मात्रा में धान मिला है। आंकड़ों के अनुसार संबंधित मिलों को कुल 59,926 क्विंटल से अधिक धान दिया गया था, जबकि जांच के दौरान केवल लगभग 24,504 क्विंटल धान ही मौजूद मिला। इस प्रकार 35,000 क्विंटल से अधिक धान का अभाव सामने आया, जिसकी कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये आंकी गई है।

जांच के दौरान पुलिस ने संदीप सिंगला से संबंधित राइस मिलों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें गेट पास, खरीद रजिस्टर, परिवहन से जुड़े कागजात, विभागीय निरीक्षण रिपोर्ट और स्टॉक रजिस्टर शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में काल्पनिक खरीद, फर्जी मिलिंग और परिवहन भुगतान में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। एसआईटी मंडियों से धान उठान, परिवहन व्यवस्था और जीपीएस डाटा का मिलान कर रही है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल लॉग फाइल और सॉफ्टवेयर प्रविष्टियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों को संदेह है कि कुछ प्रविष्टियां बैकडेट में दर्ज की गई हो सकती हैं। जांच के दौरान मंडी गेट पास, मिल आवंटन और स्टॉक सत्यापन से जुड़े रिकॉर्ड में भी विसंगतियां सामने आई हैं।

घोटाले के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। हैफेड के फील्ड इंस्पेक्टर राजेश कुमार और चंद्र मोहन सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। एसआईटी और जगाधरी के डीएसपी राजीव मिगलानी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार