संगठित तस्करी के लिए सुरक्षा एजेंसियां लामबद्ध : रेलवे एडीजी सुष्मित विश्वास
जोधपुर, 06 अप्रैल हि.स.)। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेलवे)सुष्मित विश्वास ने कहा कि ट्रेन के माध्यम से अफीम, गांजा, एमडी ड्रग्स और शराब की तस्करी में जुटे संगठित तस्करों की कमर तोडऩ़े के लिए अब नारकोटिक्स विभाग, आबकारी विभाग, राजस्थान पुलिस और आरपीएफ और जीआरपी संयुक्त कार्यवाही करने के लिए कमर कस ली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जहां बिहार और अन्य प्रदेशों से अफीम और गांजा की तस्करी बढ़ रही है और पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से गुजरात में देशी, अंग्रेजी शराब की तस्करी में इजाफा हो रहा है।
इन तस्कारों ने अब सडक़ मार्ग पर नशीले पदार्थों के लिए खिलाफ सक्रिय हुई जांच और सुरक्षा एजेंसियों के चलते उन्होंने रेल्वे का सहारा लेना शुरु कर दिया है। लेकिन जीआरपी और आरपीएफ पुलिस निरंतर कार्रवाई कर रही है लेकिन कई मामलों में और तस्करों के नेटवर्क से जुड़े मामलों में पुलिस नारकोटिक्स तथा आबकारी विभाग ज्यादा सक्रिय हैं। इसीलिए आज जोधपुर प्रवास ेके दौरान उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त बैठक कर रेल मार्ग से बढ़ रही तस्करी रोकने के लिए विचार विमर्श किया। इस बैठक के बाद अतिरिक्त महा निदेशक सुष्मित विश्वास ने प्रेस से मुलाकात की।
तस्कर रेलों का ले रहे सहारा :
एडीजी रेलवे ने कहा कि वर्तमान समय में नशीले पदार्थों की तस्करी के सडक़ मार्गों पर सख्ती के बाद तस्करों ने रेलवे को अपना माल गंतव्य तक पहुंचाने के लिए उपयोग लेना शुरु कर दिया जिसमें कई मामलों में तस्कर अफीम, गांजा, एमडी ड्रग्स और शराब साथ लेकर चलते हैं और कई लोगों ने पकड़े जाने के भय और अपने सुदृढ़ नेटवर्क के चलते जहां से ट्रेन रवाना होती है वहीं से रेलवे कोच के बाथरूम, पेंट्री कार और लगेज डिब्बे में भी उक्त नशीले पदार्थ छिपा कर भेजने शुरु कर दिये हैं।
आरपीएफ और जीआरपी पुलिस ने ऐसे कई मामले हाल के दिनों में चलती ट्रेन में और यार्ड में खडी ट्रेनों की चैकिंग के दौरान लावारिश हालत में नशीले पदार्थ जब्त भी किए। अब नशे के खिलाफ सरकार की ओर से चलाई जा रही कार्रवाई के मदद्ेनजर सभी विभागों के बीच तालमेल किया जाना शुरु हुआ है जिससे सभी विभाग एक दूसरे को तस्करों की सूचनाएं और आवामन के साधनों का आदान प्रदान करेंगे।
पाक की नापाक हरकतों के लिए भी रेलवे सतर्क :
उन्होंने बताया कि पड़ोसी देश पाकिस्तान की नापाक हरकतें भी रेलवे रूट को डेमेज करने के लिए कई बार अपने स्थानीय गुर्गों से कार्रवाई करवाती है जिससे रेलवे की सम्पत्ति को भी नुकसान पहुंचता है इसको रोकने के लिए भी रेलवे ट्रेक की मौनिटरिंग, मेनुअल और आधुनिक यंत्रों से की जा रही है जिसमें कई बार ऐसे घटनाक्रम को रोका भी गया है।
गुमशुदा के लिए आरपीएफ और जीआरपी सक्रिय :
उन्होंने बताया कि मानव तस्करी और गुमशुदगी के मामले में भी रेलवे पुलिस और आरपीएफ पुलिस ने सक्रियता निभानी शुरु कर दी है विशेषकर चूड़ी और बंधेज के काम में बिहार और यूपी व झारखण्ड से गरीब बच्चों को लाकर उनका आर्थिक और शारीरिक शोषण करने के खिलाफ भी कार्यवाही की जा रही है। ट्रेन में निरंतर चैकिंग के दौरान ऐसे कई मामलों में बच्चों और गुमशुदा व्यक्तियों जिसमें विशेषकर नाबालिग, बच्चे, युवतियां, युवक और बुजुर्गों को आधार कार्ड और मिसिंग रिप्लेसमेंट कर गंतव्य तक पहुंचाया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

