ऑपरेशन विषनहस:भूटान भागने से पहले एएनटीएफ के हत्थे चढ़ा इनामी तस्कर
जयपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने ‘ऑपरेशन विषनहस’ के तहत बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई करते हुए छह साल से फरार 75 हजार रुपये के इनामी मादक पदार्थ तस्कर सोहनलाल उर्फ सोनू (32) निवासी धोरीमन्ना जिला बालोतरा को भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के रक्सौल से गिरफ्तार किया है। आरोपित नेपाल के काठमांडू में छिपकर रह रहा था और वहां से राजस्थान में अपने तस्करी नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उसे पकड़ने के लिए एएनटीएफ टीम ने पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर माला बेचने वाले, तिलक लगाने वाले और श्रद्धालुओं का भेष धारण कर जाल बिछाया। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
एएनटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित एएनटीएफ का पहला अंतरराष्ट्रीय फरार इनामी तस्कर है। इस कार्रवाई के साथ एएनटीएफ देश-विदेश से अब तक 103 फरार इनामी तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
एएनटीएफ पुलिस महानिरीक्षक के अनुसार आरोपी सोहनलाल 12वीं तक पढ़ा है। बुरी संगति के कारण उसे शराब की लत लगी और वर्ष 2016 में उसने अवैध शराब की तस्करी शुरू कर दी। बालोतरा में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के दो मामले दर्ज हुए। इस दौरान वह बाड़मेर जेल में 30 दिन तक बंद रहा। पुलिस के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद उसने शराब तस्करी में जोखिम अधिक और मुनाफा कम समझते हुए डोडा-चूरा और अफीम की तस्करी शुरू कर दी।
आरोपित ने मध्य प्रदेश के नीमच तथा राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा से डोडा-चूरा जुटाकर मारवाड़ और पंजाब के तस्करों तक पहुंचाना शुरू किया। वर्ष 2020 में जालौर जिले के चितलवाना थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया। इसके बाद वह मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़ और आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर ठिकाने बदलता रहा।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में राजस्थान पुलिस में एएनटीएफ के गठन के बाद गिरफ्तारी के डर से आरोपित अक्टूबर 2025 में नेपाल भाग गया। वह काठमांडू में रहकर राजस्थान में अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह रोज पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने और मन्नत मांगने भी जाने लगा।
एएनटीएफ टीम ने पहले आरोपित के स्थानीय गुर्गों तक पहुंच बनाई। पुलिसकर्मियों ने खुद को पंजाब का बड़ा मादक पदार्थ खरीदार बताकर भारी मात्रा में माल खरीदने की पेशकश की। गुर्गों ने बताया कि इतनी बड़ी डील के लिए उनके आका सोहनलाल से नेपाल में मिलना होगा। इसके बाद टीम काठमांडू पहुंची। आरोपित की पहचान और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग भेष धारण किए। एक जवान माला बेचने वाला बना, दूसरा माथे पर चंदन लगाकर तिलक लगाने वाले के रूप में रहा, जबकि अन्य जवान सामान्य श्रद्धालुओं की तरह तैनात हुए।
पुलिस टीम ने पंजाब का बड़ा तस्कर बनकर सोहनलाल से मुलाकात की और उसका विश्वास जीता। इसके बाद उसे बताया गया कि सुरक्षा कारणों से बड़ी नकदी नेपाल नहीं लाई जा सकती। उसे अग्रिम राशि लेने के लिए बिहार के रक्सौल बॉर्डर पर बुलाया गया। भारी मुनाफे और नकदी के लालच में जैसे ही आरोपित भारतीय सीमा में दाखिल हुआ, टीम ने उसे दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपित को आशंका थी कि एएनटीएफ नेपाल तक पहुंच सकती है। इसी कारण उसने 10 अक्टूबर 2026 को भूटान भागने की योजना बनाई थी, लेकिन इससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपित से पूछताछ कर उसके तस्करी नेटवर्क, संपर्कों और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

