ऑपरेशन त्रिनेत्र: मादक पदार्थ तस्कर उस्मान की 2.78 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
जयपुर, 13 अप्रैल (हि.स.)। प्रतापगढ़ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित काली कमाई के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) के तहत अरनोद थाना क्षेत्र के शातिर तस्कर उस्मान खान की करीब 2 करोड़ 78 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज किया है। भारत सरकार की कंपिटेन्ट ऑथोरिटी नई दिल्ली द्वारा प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के बाद, अरनोद थाना पुलिस ने सोमवार को तस्कर और उसके रिश्तेदारों के घर पर फ्रीजिंग के नोटिस चस्पा कर दिए हैं।
प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि इस कार्रवाई की नींव 21 फरवरी 2026 को पड़ी थी, जब अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा की टीम ने नाकाबंदी के दौरान नारायण लाल मीणा को सवा चार किलो से अधिक ब्राउन शुगर और केमिकल के साथ गिरफ्तार किया था। अनुसंधान में सामने आया कि यह खेप उस्मान पठान निवासी देवल्दी ने सप्लाई करने के लिए भेजी थी।
कार्रवाई की भनक लगते ही उस्मान फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट जारी हो चुका है। पुलिस जांच में पाया गया कि उस्मान खान मंदसौर के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है, लेकिन लंबे समय से तस्करी के धंधे में लिप्त है।
पुलिस की वित्तीय जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उस्मान के पास आय का कोई वैध पैतृक स्रोत या कृषि भूमि नहीं है, फिर भी उसने तस्करी की काली कमाई से कम समय में अकूत संपत्ति जुटाई। उसने देवल्दी में अपनी माता रुबीना बी और भाई रहमत के नाम पर 50 लाख रुपये का आलीशान मकान और 1 करोड़ रुपये की लागत वाला फार्महाउस बनवाया। इसके अलावा आरोपित ने खुद के नाम पर एक स्कॉर्पियो और अपने रिश्तेदार के नाम पर एक फॉरच्यूनर गाड़ी (कीमत 48 लाख) खरीदी। यही नहीं, उसने अपने फार्महाउस पर करीब 80 लाख रुपये के 5 मारवाड़ी/काठियावाड़ी नस्ल के घोड़े और 10 मुर्रा नस्ल की भैंसें भी पाल रखी थीं।
थानाधिकारी अरनोद द्वारा तैयार किए गए संपत्ति फ्रीजिंग के प्रस्ताव को कंपिटेन्ट ऑथोरिटी व एडमिनिस्ट्रेटर सफेमा और एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली को भेजा गया था। ऑथोरिटी की स्वीकृति के बाद अब इन संपत्तियों पर पुलिस ने बोर्ड लगा दिए हैं और अग्रिम कार्यवाही के लिए संबंधित विभागों को सूचित कर दिया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मादक पदार्थ तस्करी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने वालों और अवैध संपत्तियां अर्जित करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आरोपी उस्मान के खिलाफ पूर्व में जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के मामले भी दर्ज हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

