‘ऑपरेशन मदभ्रमर’: दो साल से फरार 25 हजार का इनामी डोडा-पोस्त तस्कर गिरफ्तार
जयपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मदभ्रमर’ के तहत कार्रवाई करते हुए दो साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी डोडा-पोस्त तस्कर भैराराम निवासी आहोर जिला (जालोर) को पाली के तखतगढ़ से गिरफ्तार किया है। अभियान के तहत यह एएनटीएफ की 90वीं बड़ी सफलता बताई गई है।
एएनटीएफ महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। आरोपी पर जालोर पुलिस अधीक्षक की ओर से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
पांचवीं कक्षा तक पढ़े भैराराम ने पढ़ाई छोड़कर भेड़-बकरी चराने और खेती का काम शुरू किया था। 2019 में पिता की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ीं तो वह तस्करों के संपर्क में आया। शुरुआत में वाहनों से डोडा-पोस्त की खेप लाने-ले जाने के लिए चालक के रूप में काम करता था और एक चक्कर के करीब 50 हजार रुपए लेता था। बाद में खुद तस्करी करने लगा।
2024 में आहोर पुलिस ने डोडा-पोस्त की खेप ले जा रहे उसके साथियों को वाहन सहित पकड़ा था, लेकिन भैराराम मौके से फरार हो गया। इसके बाद भाद्राजून के एक अन्य तस्कर के साथ मिलकर फिर तस्करी शुरू की। साथी के पकड़े जाने और उसका नाम सामने आने पर उसने फिर ठिकाना बदल लिया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए भैराराम ने करीब दो साल में हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान में 16 से अधिक ठिकाने बदले। राजस्थान में चित्तौड़गढ़, जयपुर, पाली और उदयपुर में भी रहा। संपर्क के लिए वह राह चलते लोगों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था।
करीब 15 दिन पहले उसने दोबारा डोडा-पोस्त तस्करी शुरू की और तखतगढ़ में किराए का कमरा लेकर रहने लगा। एक तस्कर साथी के सामने वह पुलिस को चकमा देने और खुद को तस्करी का मुख्य सूत्रधार बताते हुए शेखी बघार रहा था। साथी ने एएनटीएफ को सूचना दे दी। सूचना पर टीम ने तखतगढ़ में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से उसके तस्करी नेटवर्क और संपर्कों के संबंध में पूछताछ जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

