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ऑपरेशन ‘कवच-13.0: 48 घंटे में 3211 ठिकानों पर छापे, 267 ड्रग तस्कर गिरफ्तार

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ऑपरेशन ‘कवच-13.0: 48 घंटे में 3211 ठिकानों पर छापे, 267 ड्रग तस्कर गिरफ्तार


नई दिल्ली, 01 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी में नशे के कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन कवच-13.0’ के तहत अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया। 29 मार्च शाम 6 बजे से 31 मार्च शाम 6 बजे तक लगातार 48 घंटे चले इस विशेष अभियान में दिल्ली के सभी 15 जिलों, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की संयुक्त टीमों ने 3211 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान 229 एनडीपीएस मामलों में 267 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए।

क्राइम ब्रांच के विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि इस ऑपरेशन में 100 किलो गांजा, 1.17 किलो कोकीन, 260.65 ग्राम हेरोइन, 179.11 ग्राम एमडीएमए, 57 ग्राम एम्फेटामाइन, 2019 बुप्रेनोर्फिन टैबलेट और 183 फेनिरामाइन इंजेक्शन बरामद किए गए। साथ ही 16,070 रुपये नकद भी जब्त किए गए। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 416 मामलों में 429 लोगों को पकड़ा गया, जिनके पास से 77,271 क्वार्टर, 754 शराब की बोतलें, 334 बीयर बोतलें, 143 बीयर कैन और 200 ई-सिगरेट बरामद की गईं। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के आरोप में 2993 लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

आर्म्स एक्ट के तहत 254 मामलों में 259 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से 19 पिस्टल, 42 देसी कट्टे, 79 जिंदा कारतूस और 191 चाकू बरामद किए। जुआ अधिनियम के तहत 296 मामलों में 528 लोगों को गिरफ्तार कर 10.28 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। इसके अलावा 59 घोषित अपराधियों और 42 ऑटो लिफ्टरों को दबोचकर 73 वाहन बरामद किए गए, जबकि 3545 वाहनों को जब्त किया गया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने निवारक कार्रवाई के तहत 1374 लोगों को गिरफ्तार किया और 5359 को एहतियातन हिरासत में लिया। इसी क्रम में 5691 हिस्ट्रीशीटरों की जांच की गई और 7971 लोगों पर तंबाकू नियंत्रण कानून (चोपटा) के तहत कार्रवाई की गई। 134 हॉटस्पॉट चिन्हित कर कार्रवाई की गई। वहीं 760 स्थानों पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाकर 843 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि इस अभियान के दौरान पिछले तीन वर्षों में दर्ज 4219 नार्को अपराधियों की भी जांच की गई, जिनमें से 1494 मौके पर मिले, 352 न्यायिक हिरासत में पाए गए। जबकि 14 फरार मिले। 72 विदेशी नागरिकों की भी जांच की गई, जिनमें से एक के खिलाफ डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की गई।

कार्रवाई के दौरान कई बड़े खुलासे भी हुए। महरौली में एक नाइजीरियाई नागरिक के पास से 1 किलो से अधिक कोकीन बरामद की गई। नरेला औद्योगिक क्षेत्र में दो आरोपितों से स्मैक पकड़ी गई। मंगोलपुरी में एक महिला तस्कर को 100 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके नेटवर्क से जुड़ी दूसरी महिला के घर से 303 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके अलावा द्वारका में 2700 क्वार्टर अवैध शराब के साथ एक आरोपी को पकड़ा गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन का उद्देश्य न केवल नशे के कारोबार पर प्रहार करना था, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क तस्करों, सप्लायर्स और गिरोहों को तोड़ना भी था। इसके लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस का व्यापक इस्तेमाल किया गया।

देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत चलाया गया यह अभियान नशे के खिलाफ लड़ाई में बड़ा कदम है। इस कार्रवाई से ड्रग तस्करों में भय का माहौल बना है और कई बड़े सप्लायर भूमिगत हो गए हैं। साथ ही अब तस्कर बड़ी खेप के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में ड्रग्स की सप्लाई करने लगे हैं और पकड़ से बचने के लिए महिलाओं व बच्चों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी