12 करोड़ की ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग ठगी का आरोपी विशाखापटनम से गिरफ्तार
जयपुर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। फर्जी ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए 12 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामले में राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। असम निवासी बेशराज थापा उर्फ राहुल को आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम से गिरफ्तार कर जयपुर लाया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की निगरानी करने और खाताधारकों की जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाने का काम करता था। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम विजय कुमार सिंह के अनुसार, परिवादी के व्हाट्सएप नंबर पर 25 सितंबर 2025 को एक संदेश आया। जिसमें www.kdeonegold.net वेबसाइट का लिंक भेजा गया था। वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सोने के कारोबार में भारी मुनाफे और आकर्षक प्रतिफल का लालच दिया गया। परिवादी ने वेबसाइट पर अपनी पहचान बनाकर कथित ग्राहक सेवा के निर्देशों पर निवेश करना शुरू कर दिया। परिवादी ने 7 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 के बीच विभिन्न बैंक खातों में करीब छह करोड़ रुपए जमा कराए। ठगों ने वेबसाइट के आभासी बटुए में करीब 9.42 करोड़ रुपए का मुनाफा दिखाकर उसे भरोसे में रखा। इसके बाद 7 नवंबर को परिवादी ने पांच करोड़ रुपए से अधिक की राशि निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने आयकर, प्रक्रिया शुल्क और अन्य शुल्कों के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगनी शुरू कर दी। 10 से 26 नवंबर 2025 के बीच भी परिवादी से रकम जमा कराई गई। इस तरह कुल 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपए हस्तांतरित करने के बावजूद न तो मूल रकम लौटाई गई और न ही निकासी की अनुमति दी गई। जांच के दौरान पूर्व में गिरफ्तार आरोपी इकबाल अहमद से पूछताछ में बेशराज थापा उर्फ राहुल का नाम सामने आया। पुलिस टीम ने विशाखापटनम पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। सक्षम न्यायालय से पांच दिन का पारगमन वारंट लेकर आरोपी को जयपुर लाया गया। जांच में सामने आया कि बेशराज ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की निगरानी करता था। वह खाताधारकों की गतिविधियों पर नजर रखकर उनके प्रत्यक्ष फोटो और वीडियो अपने साथियों हर्षा साइकिया उर्फ गौरव तथा इस्लाम तक पहुंचाता था।
पुलिस के अनुसार गुवाहाटी के एक होमस्टे में प्रकाश कुमार के बैंक खाते से जुड़े लेन-देन के दौरान भी आरोपी मौजूद था। प्रकाश कुमार के बैंक खाते और उससे जुड़ी सिम की जानकारी इस्लाम तक पहुंचाने के बदले उसे 50 हजार रुपए मिले थे। जांच में प्रकाश कुमार के खाते में परिवादी से ठगी गई रकम में से 33 लाख 75 हजार 328 रुपए आना पाया गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने जनवरी 2026 में अपना मोबाइल फोन तोड़कर नष्ट कर दिया था और विशाखापटनम चला गया था। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मुख्य आरोपियों हर्षा साइकिया उर्फ गौरव और इस्लाम की तलाश कर रही है। साथ ही ठगी की रकम के अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने के लिए बैंक लेन-देन, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर हुई बातचीत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

