ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में सट्टेबाजी का करोड़ों का नेटवर्क पकड़ा
जयपुर, 04 नवंबर (हि.स.)। ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में सट्टेबाजी का संगठित नेटवर्क चलाकर करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन करने वाले गिरोह का करणी विहार थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से चलाए जा रहे म्यूल हंटर अभियान के तहत जयपुर पश्चिम पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी शाखा ने कार्रवाई करते हुए सात आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। आरोपिताें से जुड़े 50 से अधिक बैंक खाते और 35 से ज्यादा यूपीआई आईडी ब्लॉक करवाई गई हैं। इन खातों में करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है।
डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में सट्टेबाजी और साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने वाले नेटवर्क का खुलासा किया गया है। प्रोबेशनर आईपीएस अदिति उपाध्याय के सुपरविजन में जयपुर पश्चिम की साइबर सेल और तकनीकी शाखा ने कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की वेबसाइटों के पैनल खरीदकर उनका संचालन कर रहे थे। उनके पास एक मास्टर आईडी भी मिली है, जिसके माध्यम से सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाया जा रहा था। इन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ऑनलाइन सट्टा खिलाया जाता था, जिसमें अधिकांश लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
पुलिस ने मदनगंज-किशनगढ़, अजमेर निवासी वैकेंद्र यादव (31), बालोतरा निवासी मुकेश गुर्जर (27), पचपदरा, बालोतरा निवासी रमेश कुमार जाट (22), समदड़ी रोड, बालोतरा निवासी रमेश कुमार जाट (26), मदनगंज-किशनगढ़ निवासी शैलेन्द्र शर्मा (26) और रोहित मेघवाल (23) तथा बालोतरा निवासी लक्ष्मण कुमार (25) को गिरफ्तार किया है।
जांच में आरोपिताें से जुड़े 50 से अधिक बैंक खातों और 35 से ज्यादा यूपीआई आईडी का पता चला है। पुलिस ने इन्हें ब्लॉक करवाया है। बैंक खातों में उपलब्ध करीब पांच लाख रुपये की राशि भी फ्रीज करवाई गई है। इसके अलावा आरोपिताें से जुड़े क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में मौजूद करीब 3200 यूएसडीटी ब्लॉक करवाए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपित सट्टेबाजी से प्राप्त रकम के लेनदेन के लिए अलग-अलग बैंक खातों, यूपीआई आईडी और यूएसडीटी वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे थे। जांच में क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से डिजिटल करेंसी में लेनदेन किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपिताें के कब्जे से 19 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 20 सिम कार्ड जब्त किए हैं। जब्त उपकरणों के साथ मास्टर आईडी, बैंक खातों, यूपीआई आईडी और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से कई अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस गिरफ्तार आरोपिताें से पूछताछ कर रही है। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के पैनल उपलब्ध कराने वाले लोगों, नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और वित्तीय लेनदेन में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि डिजिटल उपकरणों और वित्तीय रिकॉर्ड के तकनीकी विश्लेषण के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाया जाए और सट्टेबाजी से जुड़ी रकम के लेनदेन में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

