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उज्जैनः ऑनलाइन टास्क का झांसा देकर साढ़े 8 लाख रुपये ठगी मामले में एक आरोपी गिरफ्तार

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उज्जैनः ऑनलाइन टास्क का झांसा देकर साढ़े 8 लाख रुपये ठगी मामले में एक आरोपी गिरफ्तार


उज्जैन , 11 अप्रैल (हि.स.)। उज्जैन में ऑनलाइन टास्क के नाम पर ऑटोमोबाइल फाइनेंसर से 8 लाख 50 हजार रुपये की ठगी के मामले में राज्य साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए यूल खाता संचालित करने वाले आरोपी को जोधपुर से गिरफ्तार किया है। उसका साथी अभी फरार है। आरोपी चार दिन तक अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा। मामले में डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

डीएसपी लीना मारोठ ने शनिवार को बताया कि नामदारपुरा निवासी ऑटोमोबाइल फाइनेंसर मोहम्मद हुसैन ने शिकायत की थी कि उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोडक़र गूगल मैप पर रिव्यू देने के नाम पर कमाई का लालच दिया गया। शुरुआती टास्क पूरे करने पर उसे 150 से लेकर 2 हजार रुपये तक का भुगतान भी किया गया। इसके बाद उसे टेलीग्राम गु्रप में जोडक़र एक वेबसाइट पर अकाउंट बनवाया गया और प्रो-मेंबर बनाकर अधिक कमाई का झांसा दिया गया। आरोपियों ने हर टास्क पर 3 से 20 गुना लाभ का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 8.5 लाख रुपए जमा करवा लिए। वेबसाइट पर वर्चुअल रूप से करीब 15 लाख रुपए की राशि दिखाई जाती रही, लेकिन जब पीडि़त ने रकम निकालने का प्रयास किया तो उससे और 6 लाख रुपये जमा करने की मांग की गई। इस पर उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

4 दिनों तक की खोजबीनमामले में राज्य साइबर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर निरीक्षक अमित परिहार, एएसआई हरेन्द्रपाल सिंह राठौर और एएसआई प्रवीण सिंह पंवार राजस्थान पहुंचे। जहां पर टीम ने फलौदी जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में लगातार 4 दिन तक तलाश की और अंतत: आरोपी गौतम पुत्र जेठाराम गोदारा निवासी ग्राम रूपाणा राजस्थान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल सिम, मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिए हैं। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

चचेरा भाई निकला मास्टर माइंडपूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जोधपुर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था और उसके चचेरे भाई त्रिलोक गोदारा द्वारा उसे विभिन्न बैंक खातों की लॉगिन आईडी, पासवर्ड और ओटीपी उपलब्ध कराए जाते थे। वह अपने मोबाइल और लैपटॉप के जरिए इन खातों में ट्रांजेक्शन करता था। खातों में पैसे अन्य लोगों के माध्यम से ट्रांसफर कराए जाते थे और बाद में निकासी की जाती थी। अब पुलिस त्रिलोक को तलाश रही है। उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया है।

लगातार बदल रहा है ठिकानेपुलिस ने बताया कि गौतम पिछले 3 साल से जौधपुर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है। इसी बीच उसके चचेरे भाई त्रिलोक ने अपने साथ काम करने के लिए तैयार किया। इसके लिए वह गौतम को रुपए देता था। पूछताछ में गौतम ने बताया कि त्रिलोक लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा है। वह कभी जयपुर, जोधपुर और मुंबई में रहता है। जैसे ही उसे गौतम के पकड़ाने की जानकारी लगी वैसे ही उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल