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झाबुआ: गोवंश वध मामले में संलिप्त चार आरोपितों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत निरोधात्मक कार्रवाई

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झाबुआ: गोवंश वध मामले में संलिप्त चार आरोपितों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत निरोधात्मक कार्रवाई


झाबुआ, 06 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिला अंतर्गत आने वाले कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहनपुरा में गत सप्ताह घटित हुई गौवंश वध की घटना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक, देवेन्द्र पाटीदार के प्रतिवेदन पर गोवंश वध के गंभीर प्रकरण में संलिप्त चार आरोपियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3 की उपधारा (2) के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि थाना कोतवाली झाबुआ के मोहनपुरा क्षेत्र में दिनांक 01.10.2026 को गोवंश वध की घटना के संबंध में अपराध क्रमांक 941/2026 धारा 4, 5, 9 गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, धारा 25(बी) आर्म्स एक्ट एवं धारा 325 बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। कोतवाली पुलिस द्वारा चारों आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

प्रकरण में आरोपियों की गतिविधियों एवं घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक, झाबुआ श्री देवेन्द्र पाटीदार के प्रतिवेदन पर जिला दण्डाधिकारी द्वारा चारों आरोपियों के विरुद्ध एनएसए के तहत कार्रवाई करते हुए तीन माह के लिए केन्द्रीय जेल, इंदौर में निरुद्ध किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।

गोवंश वध के गंभीर प्रकरण में संलिप्त जिन चार आरोपियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है, उनके नाम हैं, कालू उर्फ फरीद पिता हुसैन कुरैशी, उम्र 36 वर्ष, निवासी कुम्हारवाड़ा, झाबुआ, रिजवान पिता फारुक कुरैशी, उम्र 33 वर्ष, निवासी कुम्हारवाड़ा, झाबुआ, एहसान उर्फ टिल्लु पिता हुसेन कुरैशी, उम्र 32 वर्ष, निवासी कुम्हारवाड़ा, झाबुआ, और कद्दू पिता रामा परमार, उम्र 50 वर्ष, निवासी मोहनपुरा, थाना झाबुआ, जिला झाबुआ।

जिला पुलिस अधीक्षक झाबुआ, देवेन्द्र पाटीदार ने कहा कि ऐसे मामलों में अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर जिले में कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक शांति बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है, जिसके मद्देनजर पुलिस द्वारा गोवंश वध सहित समाज में अशांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले गंभीर कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा