निजी अस्पतालों में ही नहीं हो रहा कचरा प्रबंधन, 5 को थमाया नोटिस
मुरादाबाद, 03 अगस्त (हि.स.)। जिले के अस्पतालों में कचरा प्रबंधन को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने सोमवार को निरीक्षण किया । इस दौरान पाया गया कि कई अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट और सामान्य कचरा एक ही डस्टबिन में फेंका जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इसको लेकर आज जिले के पांच अस्पतालों को नोटिस भेजा गया है।
जिले में संचालित अस्पतालों से प्रतिदिन बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है। सभी अस्पतालों में इस कचरे को अलग-अलग करने (सेग्रीगेट) के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अस्पतालों को बायो मेडिकल कचरे को तय रंग-कोडित बैगों में सुरक्षित रखना होता है, लेकिन मरीजों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले अस्पतालों में ही कचरा प्रबंधन के प्रति लापरवाही बरती जा रही है।
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डीके गुप्ता का कहना है कि जब अस्पतालों में निरीक्षण किया गया तो वहां पर अलग-अलग डिब्बों में कचरा मिलने के बजाय एक ही डब्बे में कचरा भरा हुआ मिला। उन्होंने बताया कि यह कर्मचारियों की सेहत के लिए भी खतरा होता है, क्योंकि जब कर्मचारी इस कचरे को अलग-अलग करते हैं तो उसमें समय अधिक लगता है। अन्य परेशानियों के साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत भी हो सकती है।
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि मैसर्स याकूब हेल्थ केयर, मैसर्स शशि प्रभा मेमोरियल हॉस्पिटल, मैसर्स जीवन हॉस्पिटल, मैसर्स हर्ष नर्सिंग होम एंड मेटरनिटी सेंटर, मैसर्स जीवन ज्योति हॉस्पिटल को नोटिस दिए गए थे। इनसे कचरे को अलग-अलग न करने का कारण नोटिस दिए गए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

