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फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर वीडियो कॉल, अश्लील क्लिप से ब्लैकमेल, गिरोह का सरगना गिरफ्तार

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फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर वीडियो कॉल, अश्लील क्लिप से ब्लैकमेल, गिरोह का सरगना गिरफ्तार


नई दिल्ली, 06 मई (हि.स.)। उत्तर-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस ने सेक्सटॉर्शन रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना को राजस्थान के मेवात क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपित सोशल मीडिया पर युवतियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को जाल में फंसाता था और वीडियो कॉल के जरिए अश्लील क्लिप दिखाकर स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है।

उत्तर पश्चिमी जिले की पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बुधवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान राजस्थान के अलवर निवासी 25 वर्षीय अबास खान के रूप में हुई है। वह सेक्सटॉर्शन के साथ-साथ ओलेक्स ठगी में भी सक्रिय था और गिरोह का मुख्य ऑपरेटर माना जा रहा है।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार मामले का खुलासा उस समय हुआ जब जनवरी में शालीमार बाग निवासी 21 वर्षीय युवक ने साइबर थाने में शिकायत दी कि उससे 2.52 लाख रुपये की ठगी की गई है। पीड़ित ने बताया कि उसे फेसबुक पर निशा गुप्ता नाम की युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। बातचीत के दौरान युवती ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद उसे व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई, जिसमें दूसरी तरफ से अश्लील वीडियो चलाया गया। पीड़ित ने तुरंत कॉल काट दी, लेकिन कुछ देर बाद उसे धमकी भरे संदेश आने लगे कि उसकी वीडियो रिकॉर्ड कर ली गई है और पैसे नहीं देने पर उसे वायरल कर दिया जाएगा। बदनामी के डर से पीड़ित ने अलग-अलग किश्तों में 2.52 लाख रुपये आरोपितों के खाते में ट्रांसफर कर दिए।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच, बैंक खातों के विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पुलिस को पूरे नेटवर्क की कड़ी मेवात क्षेत्र से जुड़ी मिली। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से संवेदनशील इलाके में तड़के छापा मारकर आरोपित को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि उसके गांव के कई युवक इसी तरह की साइबर ठगी में शामिल हैं। वह आकर्षक तस्वीरों के साथ युवतियों के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाता था और बड़ी संख्या में पुरुषों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था। बातचीत के बाद पीड़ितों से व्हाट्सएप नंबर लेकर उन्हें वीडियो कॉल करता और दूसरी डिवाइस से अश्लील वीडियो चलाकर स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेता था। बाद में उसी वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर रकम वसूलता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी