हाईटेक नकल का नया फार्मूला फेल: री-नीट अभ्यर्थी जेल पहुंची
जयपुर, 22 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित री-नीट (यूजी-2026) परीक्षा के दौरान जयपुर में नकल का एक हाईटेक मामला सामने आया है। बिंदायका थाना पुलिस ने परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन के जरिए नकल करने का प्रयास कर रही एक छात्रा को गिरफ्तार किया है। छात्रा ने सुरक्षा जांच को चकमा देते हुए आईफोन-16 प्रो मोबाइल फोन अंतःवस्त्रों में छिपाकर परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंचाया था। सोमवार को आरोपी छात्रा को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि रविवार को बिंदायका स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में री-नीट परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा केंद्र के कक्ष संख्या-7 में रोल नंबर 3903611143 पर परीक्षा दे रही हिमांशी तिवारी (22) निवासी प्रेम नगर-1, गुर्जर की थड़ी, न्यू सांगानेर रोड की गतिविधियां परीक्षा के दौरान संदिग्ध लगीं। ड्यूटी पर तैनात वीक्षक ने जांच की तो उसके पास मोबाइल फोन मिला। इसके बाद छात्रा को केंद्र अधीक्षक के सुपुर्द कर पुलिस को सूचना दी गई।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि छात्रा ने सुबह सुरक्षा जांच के दौरान आईफोन-16 प्रो मोबाइल फोन अपने निजी अंगों एवं अंतःवस्त्रों में छिपाकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया था। छात्रा का यह नीट परीक्षा का तीसरा प्रयास था। उसने पूछताछ में बताया कि उसकी योजना प्रश्नपत्र की फोटो लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट ‘चैटजीपीटी’ की मदद से उत्तर प्राप्त कर परीक्षा हल करने की थी।
जांच में यह भी सामने आया कि प्रवेश के दौरान दो बार मेटल डिटेक्टर में अलर्ट मिला था। इस पर छात्रा ने सुरक्षा कर्मियों को बताया कि अलर्ट उसके अंडरगारमेंट्स में लगे धातु के हुक के कारण आ रहा है। सुरक्षा कर्मी उसके जवाब से संतुष्ट हो गए और उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे दिया गया।
पुलिस के अनुसार परीक्षा केंद्र के आसपास लगाए गए हाई-पावर इंटरनेट जैमर के कारण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं। इसी वजह से छात्रा अपनी योजना को अंजाम नहीं दे सकी। परीक्षा समाप्त होने से करीब 15 मिनट पहले उसके मोबाइल में नीट प्रश्नपत्र की तस्वीरें भी मिलीं, लेकिन जैमर सक्रिय होने के कारण वह उन्हें बाहर नहीं भेज सकी। इंटरनेट चालू करने और मोबाइल का उपयोग करने के प्रयास के दौरान ही वीक्षक की नजर उस पर पड़ गई और पूरा मामला उजागर हो गया।
केंद्र अधीक्षक की रिपोर्ट पर बिंदायका थाने में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 की धारा 3(एक्स)/10(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त (बगरू) को सौंपी गई है।
सोमवार को छात्रा को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अदालत परिसर से बाहर निकलते समय छात्रा ने मीडिया कैमरों से बचने के लिए अपना चेहरा छिपा लिया।
पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि मोबाइल का उपयोग केवल उत्तर खोजने के लिए किया गया था या प्रश्नपत्र की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने का भी प्रयास किया गया था। पुलिस छात्रा के डिजिटल फुटप्रिंट, सोशल मीडिया गतिविधियों और मोबाइल डेटा की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि नकल के इस प्रयास में कोई संगठित गिरोह अथवा अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं था। वहीं, सुरक्षा जांच के बावजूद मोबाइल परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंचा, इसे लेकर केंद्र अधीक्षक और परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में अनुचित साधनों के उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित कानून के तहत दोष सिद्ध होने पर पांच वर्ष तक के कारावास और 10 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

