दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रोफेसर की हत्या का खुलासा, संपत्ति विवाद में रची थी साजिश
नई दिल्ली, 07 जून (हि.स.)। पूर्वी जिला पुलिस ने न्यू अशोक नगर में दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देवस्मिता पॉल की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में पश्चिम बंगाल के बर्धमान से एक दंपती और उनके नाबालिग बेटे को पकड़ लिया है। जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे पश्चिम बंगाल स्थित पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद था।
पुलिस के अनुसार देवस्मिता पॉल के हिस्से में परिवारिक समझौते के तहत बर्धमान स्थित एक पैतृक मकान आया था। वर्ष 2023 से आरोपी परिवार उसी मकान में रह रहा था। प्रोफेसर लगातार आरोपितों पर मकान खाली करने का दबाव बना रही थीं। हाल ही में उन्होंने अंतिम चेतावनी देते हुए संपत्ति खाली करने को कहा था। पुलिस का दावा है कि इसी के बाद आरोपियों ने उनकी हत्या की साजिश रची।
जांच में सामने आया कि आरोपित रामप्रसाद दास, उसकी पत्नी बनाश्री दास और उनका नाबालिग बेटा तीन जून को पश्चिम बंगाल से दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक तीनों ने पहले दिल्ली के दल्लूपुरा स्थित एक गेस्ट हाउस में ठहरकर वारदात की तैयारी की। पहचान छिपाने के लिए उन्होंने दूसरे लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड में बिहार निवासी सतीश और बर्धमान निवासी सोमा चौधरी के नाम दर्ज पाए गए, जिनका आरोपियों से कोई संबंध नहीं निकला।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेहद शातिर तरीके से फरार हुए। वे घटनास्थल से टैक्सी और फिर ऑटो लेकर आनंद विहार पहुंचे। वहां से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे और तीन जून की शाम करीब 5:40 बजे पूर्वा एक्सप्रेस में सवार होकर बर्धमान रवाना हो गए। अगले दिन वे पश्चिम बंगाल पहुंच गए।
मामले की जांच के दौरान पूर्वी जिला पुलिस की टीम ने घटनास्थल और आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्धों को सोसायटी के भीतर सीढ़ियों और लिफ्ट का इस्तेमाल करते, कपड़े बदलते और चेहरा छिपाते हुए देखा गया। तकनीकी निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
छह जून को पुलिस टीम हवाई मार्ग से बर्धमान पहुंची और रेलवे स्टेशन से लेकर आरोपियों के ठिकाने तक सीसीटीवी ट्रेल को खंगाला। इसके बाद सात जून को तीनों आरोपितों को दबोच लिया गया। पुलिस अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाने की प्रक्रिया में जुटी है।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से मृतका का सैमसंग मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल किया गया उस्तरा, एक पिट्ठू बैग, घटना के समय पहने गए कपड़े और कैप, तथा आने-जाने के ट्रेन टिकट और यात्रा संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं।
गिरफ्तार मुख्य आरोपित रामप्रसाद दास (42) बर्धमान में सैनिटरी सामान की दुकान चलाता है, जबकि उसकी पत्नी बनाश्री दास (36) गृहिणी है। नाबालिग बेटे को किशोर न्याय अधिनियम के तहत पकड़ा गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हत्या की साजिश कब बनाई गई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

