नीट पेपर लीक में गुरुग्राम से जयपुर तक फैला नेटवर्क
जयपुर, 13 मई (हि.स.)। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे सियासी घमासान भी तेज होता जा रहा है। जयपुर के जमवारामगढ़ से गिरफ्तार किए गए दो भाइयों दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिंवाल के कथित भाजपा संबंधों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं भाजपा ने आरोपी को पार्टी का कार्यकर्ता मानने से इनकार किया है। एसओजी द्वारा गिरफ्तार दिनेश बिंवाल पूर्व में भाजपा युवा मोर्चा में जिला महामंत्री रह चुका बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सहित कई भाजपा नेताओं के साथ वायरल हो रही हैं। जमवारामगढ़ से भाजपा विधायक महेंद्र पाल मीणा के जन्मदिन पर लगाए गए पोस्टरों की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नीट पेपर लीक में गिरफ्तार आरोपी भाजपा का पदाधिकारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसी कारण राजस्थान सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की और एफआईआर दर्ज करने में देरी की।
वहीं गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामले के आरोपी भाजपा नेताओं और मंत्रियों के करीबी हैं। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की तस्वीरें भाजपा नेताओं के साथ सामने आ रही हैं। डोटासरा ने सवाल किया कि आखिर भाजपा और पेपर लीक माफियाओं के बीच क्या संबंध है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नेता होने के कारण ही मामले को नौ दिन तक दबाकर रखा गया। हालांकि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दिनेश बिंवाल भाजपा का कार्यकर्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि आजकल कोई भी नेता के साथ फोटो खिंचवा सकता है और सोशल मीडिया पर डाल सकता है।
इधर मामले की जांच कर रही सीबीआई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार एजेंसी ने गुरुग्राम से यश यादव को हिरासत में लेकर जयपुर पहुंचाया है। जांच एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार दोनों भाइयों ने यश यादव से पेपर खरीदा था। अब तीनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे पेपर लीक सिंडिकेट का खुलासा किया जा सके।
सीबीआई और एसओजी की जांच में यह भी सामने आया है कि दिनेश बिंवाल का सीकर आना-जाना लगातार रहता था, जहां उसका बेटा ऋषि नीट की तैयारी कर रहा था। एजेंसी को शक है कि ऋषि के जरिए पेपर ‘राकेश’ नामक व्यक्ति तक पहुंचा और वहां से करीब एक हजार छात्रों तक सर्कुलेट हुआ।
उधर आरोपियों के परिवार ने सभी आरोपों से इनकार किया है। मांगीलाल की पत्नी सोनू देवी ने कहा कि यदि उनके पास वास्तव में पेपर होता तो परिवार के सभी बच्चे अच्छे अंकों से चयनित होते। उन्होंने बताया कि परिवार के बच्चों ने वर्षों मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की थी और कम रैंक आने के कारण मैनेजमेंट कोटे से प्रवेश लेना पड़ा। दिनेश की पत्नी रजनी ने भी पति को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने चिंता जताई कि उनका बेटा ऋषि, जो सीकर में रहकर तैयारी कर रहा था, उसके बारे में भी परिवार को कोई जानकारी नहीं मिल रही है। अब सीबीआई और एसओजी पेपर लीक नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आखिर एक प्रॉपर्टी कारोबारी और राजनीतिक संपर्क रखने वाले लोगों तक इतना बड़ा परीक्षा माफिया नेटवर्क कैसे पहुंचा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

