जबलपुर में देर रात नाज़िया खान पर मप्र में पहली एफआईआर, जबरदस्त विरोध के बाद हुई जीरो पर कायमी
जबलपुर, 03 जुलाई (हि.स.)। स्वयं को 'सनातनी मुस्लिम' बताने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान के खिलाफ जबलपुर के हनुमानताल थाने में मध्य प्रदेश की पहली जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। पैगंबर मोहम्मद साहब पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मुस्लिम समाज और अधिवक्ताओं में लगातार रोष प्रगट किया जा रहा था।
इसके पूर्व शहर के कई थानों में मुस्लिम समाज द्वारा प्रदर्शन किया गया था। इसके साथ ही जिला अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकीलों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद एसपी सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर हनुमानताल थाना पुलिस ने देर रात मामला दर्ज किया।
उल्लेखनीय है कि नाजिया इलाही खान के खिलाफ कथित विवादित टिप्पणी को लेकर मुंबई, भिवंडी, कल्याण, बरेली और मुरादाबाद सहित देश के कई शहरों में भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
विवाद बढ़ने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी स्पष्ट किया है कि नाजिया का पार्टी से कोई संबंध नहीं है, जबकि वह सोशल मीडिया पर स्वयं को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़ा बताती रही हैं। वहीं नाजिया इलाही खान ने अपने बचाव में कहा है कि उनके नाम से वायरल हो रहा वीडियो एआई की मदद से तैयार किया गया है और उसमें की गई बातें उनकी नहीं हैं।
जबलपुर के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कथित घटना मध्य प्रदेश के अधिकार क्षेत्र की नहीं है, इसलिए नियमानुसार जीरो एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित राज्य की पुलिस को भेजा जाएगा। महाकौशल लॉ एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता अंकुर चौधरी ने बताया कि चार दिन पहले हनुमानताल थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। उनका कहना है कि विरोध के बाद देर रात एफआईआर दर्ज की गई।
फिलहाल जबलपुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कर वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की आगे की जांच संबंधित क्षेत्र की पुलिस द्वारा की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

