मेनका की मौत का रहस्य बरकरार, पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि
किशनगंज, 04 जून (हि. स.)। सदर थाना क्षेत्र के डुमरिया भट्टा वार्ड संख्या 29 निवासी 13 वर्षीय नाबालिग मेनका कुमारी की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार जारी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है, लेकिन घटनास्थल से मिले कुछ संदिग्ध बालों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस अब सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार मेनका 28 मई की शाम घर से टहलने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद उसके मामा लक्ष्मण कुमार साह ने सदर थाना में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण बच्ची की तलाश में देरी हुई।
इसी बीच एक जून को माझिया नदी किनारे स्थित शिवगंगा घाट के समीप पानी से एक नाबालिग लड़की का शव बरामद हुआ। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान मेनका कुमारी के रूप में की। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल परिसर तथा मुख्य सड़क पर प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
लोगों ने पोस्टमार्टम में देरी और जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। बाद में जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रात में ही मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। किशनगंज पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नाबालिग की मौत पानी में डूबने से हुई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है और मानवीय आसूचना तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य बिंदुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस एवं तकनीकी टीम पुनः घटनास्थल पर पहुंची। जांच के दौरान शव बरामदगी स्थल के आसपास माथे के कुछ बाल बिखरे हुए मिले।
एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज ने बताया कि बरामद बालों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बाल किसके हैं और उनका घटना से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

