घायल की मौत के विरोध में टायर जलाकर सड़क जाम,हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग
नवादा,11 जून (हि.स.)। जिले के नारदीगंज बाजार में महज 10 रुपये के विवाद को लेकर लाठी-डंडों से पीटे गए 31 वर्षीय दीपू लाल की गुरुवार को इलाज के दौरान पटना के पीएमसीएच में मौत हो गई।
दीपू की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शव मिलने में देरी, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर नारदीगंज चौक पर टायर जलाकर करीब एक घंटे तक राजगीर-बोधगया सड़क को जाम रखा।
सूचना मिलते ही डीएसपी राहुल कुमार और थानाध्यक्ष राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे ।परिजनों को समझा-बुझाकर व न्याय का भरोसा दिलाकर जाम हटवाया। घटना के संबंध में मृतक के पिता प्रदीप लाल की लिखित शिकायत पर नारदीगंज थाने में कांड संख्या 208/2026 दर्ज की गई है।
प्राथमिकी में मुख्य आरोपी अरमान समेत सात लोगों को नामजद किया गया है। थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों—मुन्नी खातून, अख्तर उर्फ बड़ैल दर्जी और असगर को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया गया है।
मुख्य आरोपी समेत अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात हैं। संवाद भेजने तक दीपू लाल का शव नारदीगंज नहीं आया है। इस मामले को लेकर एसपी अभिनव धीमान समेत आला अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर शांति बनाए रखने की अपील की ।
उल्लेखनीय है कि बीती 9 जून (मंगलवार) की रात करीब 8 बजे दीपू लाल दुकान पर 10 रुपये का भूंजा (दालमोट) खरीदने गया था। उसने दुकानदार को 20 रुपये दिए, लेकिन दुकानदार ने 10 रुपये ही मिलने की बात कही। इसी मामूली रकम को लेकर हुए विवाद में दीपू को लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया गया था।
मृतक अपने पीछे पत्नी अनुजा देवी, पांच छोटी पुत्रियां और एक मासूम पुत्र छोड़ गया है। पिता का साया उठने से परिवार के सामने भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा का संकट खड़ा हो गया है। बीडीओ सोनिया ढनढननिया ने पीड़ित परिवार को पारिवारिक योजना के तहत 20,000 की तात्कालिक सहायता राशि देने की घोषणा की है
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन

