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शिमला : बुजुर्ग महिला का मर्डर केस सुलझा, तीन नेपाली गिरफ्तार

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शिमला : बुजुर्ग महिला का मर्डर केस सुलझा, तीन नेपाली गिरफ्तार


शिमला, 23 जून (हि.स.)। जिला शिमला के रोहड़ू उपमंडल के टिक्कर में रहने वाली 77 वर्षीय गीता देवी की मौत ने बीते सप्ताह पूरे इलाके को झकझोर दिया था। घर में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला मृत मिलीं तो शुरुआत में यह साफ नहीं था कि उनके साथ आखिर हुआ क्या है। न कोई प्रत्यक्षदर्शी, न घर के आसपास सीसीटीवी कैमरे और न ही ऐसा कोई बड़ा सुराग, जिससे पुलिस सीधे आरोपियों तक पहुंच सके। यही वजह थी कि यह मामला पुलिस के लिए एक चुनौतीपूर्ण ‘ब्लाइंड मर्डर’ बन गया।

अब शिमला पुलिस ने दावा किया है कि उसने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है और हत्या के आरोप में तीन नेपाली युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो सगे भाई भी शामिल हैं। आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय लाल बहादुर उर्फ लालू, 19 वर्षीय नवीन और 20 वर्षीय संतोष के रूप में हुई है। तीनों नेपाली मूल के हैं और रोहडू उपमंडल के टिक्कर व चिडग़ांव में रह रहे थे।

पुलिस के अनुसार 16 जून को रोहड़ू क्षेत्र के शलाश डोगरी गांव में गीता देवी अपने घर में मृत अवस्था में पाई गई थीं। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि अज्ञात लोग चोरी की नीयत से घर में घुसे और महिला की हत्या कर दी। इसके बाद 17 जून को पुलिस थाना रोहड़ू में हत्या, चोरी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान घटनास्थल को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित किया गया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने वहां से जैविक और भौतिक साक्ष्य जुटाए। मृतका के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया ताकि मौत की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सके।

मामले की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्ष सुराग मौजूद नहीं था। पुलिस ने तब तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच का दायरा बढ़ाया। मृतका के परिजनों, परिचितों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई। घटनास्थल तक आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया और मोबाइल टावर डम्प डाटा की गहन पड़ताल की गई। इसी तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम संकेत मिले। जांच में सामने आया कि लाल बहादुर उर्फ लालू, नवीन और संतोष घटना के समय घटनास्थल के आसपास मौजूद थे। नवीन और संतोष आपस में सगे भाई हैं।

पुलिस का कहना है कि संदिग्धों से पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों को जोड़ने के बाद उनकी कथित संलिप्तता सामने आई। 22 जून को तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया एक डंडा भी बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे केवल चोरी की मंशा थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।

शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने मंगलवार को बताया कि यह एक बेहद जटिल और ब्लाइंड मर्डर केस था, जिसमें शुरुआती स्तर पर पुलिस के पास बहुत कम सुराग थे।

उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विश्लेषण, फॉरेंसिक साक्ष्यों और मानव स्रोतों के प्रभावी उपयोग से मामले की कड़ियां जोड़ी गईं। एसएसपी ने कहा कि पुलिस टीमों ने लगातार काम करते हुए छह दिनों के भीतर मामले का खुलासा किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है तथा सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा