स्कूल संचालिका हत्याकांड: दोनों शूटर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर, साजिश के मास्टरमाइंड की तलाश
शिमला, 16 जून (हि.स.)। राजधानी शिमला के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल के बाहर स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल को मौत के घाट उतारने के मामले में 40 घंटे के भीतर गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शिमला की जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब पुलिस की नजर उस सवाल पर टिकी है, जिसका जवाब पूरे मामले की दिशा तय कर सकता है कि आखिर स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के पीछे कौन था और इस वारदात की साजिश किसने रची?
मंगलवार को शिमला की जिला अदालत के कोर्ट नंबर-5 में दोनों आरोपियों को पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को 22 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस 22 जून को उन्हें दोबारा अदालत में पेश करेगी। पेशी के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे और दोनों आरोपियों को कड़े सुरक्षा घेरे में कोर्ट लाया गया।
पुलिस ने पिछले बीते सोमवार को दोनों हमलावरों को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय आशीष, निवासी झज्जर (हरियाणा) और 25 वर्षीय दीपक, निवासी रोहतक (हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से फरार हुए थे। उन्होंने मुख्य मार्गों और पुलिस नाकों से बचते हुए अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल किया। जांच में यह भी सामने आया कि हिमाचल में प्रवेश करते समय उन्होंने वाहन पर फर्जी हिमाचली नंबर प्लेट लगा रखी थी।
गौरतलब है कि शनिवार शाम संजौली के भट्टाकुफर स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के बाहर दो हमलावरों ने स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। राजधानी शिमला के बीचोंबीच हुई इस सनसनीखेज वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे।
पुलिस ने घटना के बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी निगरानी और विभिन्न राज्यों की पुलिस के सहयोग से चलाए गए अभियान के बाद दोनों शूटरों को 40 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल भी बरामद की गई हैं और शुरुआती पूछताछ में उन्होंने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
हालांकि जांच की असली चुनौती अभी बाकी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों शूटरों को किसने भेजा, हत्या की सुपारी किसने दी और इसके पीछे की वास्तविक वजह क्या थी। मनीषा मित्तल के परिवार में स्कूल और संपत्ति को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है, जिसे जांच का एक अहम पहलू माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस विवाद और हत्या के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा है कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। उनका कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी और हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जाएगी। ऐसे में अगले सात दिन इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

