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15 महीने बाद खुला ‘लेडी डॉन’ मिंटू की हत्या का राज

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15 महीने बाद खुला ‘लेडी डॉन’ मिंटू की हत्या का राज


जयपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। मुहाना थाना इलाके में करीब 15 महीने पहले हुई मिंटू चौधरी उर्फ सीमा चौधरी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में उसके पति लालाराम जाट (42) और बेटे हरिओम जाट (20) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों ने 25 मई 2025 को घर पर मिंटू का गला घोंटकर हत्या की और शव को कंबल में लपेटकर उसी के ऑटो से करीब चार किलोमीटर दूर अचरावाला/बलखण्डी बालाजी चौराहे के पास स्थित सुनसान कुएं में फेंक दिया। कुआं करीब 200 फीट गहरा बताया गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सिविल डिफेंस/एसडीआरएफ की मदद से कुएं से शव के अवशेष बरामद किए। प्रारंभिक तौर पर कपड़ों से पहचान की गई है। अब अवशेषों के नमूने डीएनए जांच के लिए भेजे गए हैं।

डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि मिंटू के लापता होने के बाद 21 जुलाई 2025 को उसके बेटे हरिओम ने मुहाना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार इससे पहले परिजन महिला के बारे में पूछते तो पति और बेटा कभी उसके तिहाड़ जेल तो कभी भरतपुर जेल में बंद होने की बात कहकर टाल देते थे। मिंटू की बहन ने दोनों जेलों से जानकारी ली, लेकिन वहां उसके बंद होने की पुष्टि नहीं हुई।

जांच के दौरान पुलिस को तीन दिन पहले सूचना मिली कि मिंटू की हत्या कर शव कुएं में फेंका गया है। मुखबिर की सूचना, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस का शक पति और बेटे पर गया। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पुलिस के अनुसार उन्होंने हत्या की वारदात कबूल कर ली। इसके बाद उनकी निशानदेही पर कुएं से शव के अवशेष बरामद किए गए।

पुलिस पूछताछ में पति लालाराम ने मिंटू पर अवैध संबंध होने का शक जताया और उसके द्वारा मारपीट व प्रताड़ित किए जाने की बात कही। वहीं बेटे हरिओम ने भी बचपन से मां द्वारा मारपीट और प्रताड़ना किए जाने की बात पुलिस को बताई। पुलिस के अनुसार इन्हीं पारिवारिक विवादों के चलते दोनों ने मिलकर हत्या की।

लालाराम मजदूरी करता है, जबकि मिंटू और उसका बेटा हरिओम ऑटो चलाते थे। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने मिंटू के ही ऑटो का इस्तेमाल किया।

पुलिस के अनुसार मिंटू चौधरी का असली नाम सीमा चौधरी था। उसके खिलाफ जयपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 2009 से 2025 के बीच मारपीट, चोरी, हत्या के प्रयास समेत 11 आपराधिक मामले दर्ज रहे। इसी आपराधिक छवि के चलते वह इलाके में ‘लेडी डॉन’ के नाम से चर्चित हुई। पुलिस जांच में फिलहाल किसी संगठित गिरोह से उसके संबंध की बात सामने नहीं आई है। मिंटू के पति और बेटे को रिमांड पर लेकर पुलिस हत्या के कारणों और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में पूछताछ कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश