आरजीएचएस में करोड़ों का फर्जीवाड़ा उजागर: एसओजी ने डॉक्टर व लैब संचालक को दबोचा
जयपुर, 04 मई (हि.स.)। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी ‘राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम’ (आरजीएचएस) में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए सीकर के एक सरकारी डॉक्टर और एक निजी लैब संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने मिलीभगत कर फर्जी परामर्श पर्चियों और कूटरचित जांच रिपोर्टों के जरिए सरकार से करोड़ों रुपए का क्लेम उठाया।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि बी. लाल लैब सीकर के संचालक डॉ. बनवारी लाल उर्फ बी. लाल और एस.के. हॉस्पिटल सीकर के डॉ. कमल कुमार अग्रवाल (के.के. अग्रवाल) को गिरफ्तार किया गया है। डॉ. अग्रवाल मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
एसओजी जांच में सामने आया कि आरोपित बेहद सुनियोजित तरीके से आरजीएचएस योजना में धोखाधड़ी कर रहे थे। डॉक्टर मरीजों को बिना देखे ही उनके नाम पर अनावश्यक जांचें लिख देते थे। वहीं लैब संचालक पुरानी जांच रिपोर्टों की तारीख बदलकर या एक ही जांच की कई रिपोर्ट बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर देता था।
इतना ही नहीं जिन दिनों डॉक्टर अस्पताल में उपस्थित नहीं होते थे, उन दिनों की भी फर्जी परामर्श पर्चियां तैयार कर क्लेम उठाया गया। इसके अलावा प्राइवेट डॉक्टर के रेफरल को सरकारी डॉक्टर के नाम से बदलकर सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाता था, जिससे भुगतान प्राप्त किया जा सके।
जांच के दौरान एक मामला सामने आया जिसमें मरीज की एमआरआई 4 दिसंबर को हुई थी, लेकिन रिकॉर्ड में 5 दिसंबर दिखाकर भुगतान लिया गया, जबकि उस दिन मरीज सीकर में मौजूद ही नहीं था। कई मामलों में मरीज अन्य अस्पतालों में भर्ती थे, फिर भी उनके नाम से जांच रिपोर्ट अपलोड कर दी गईं।
एसओजी के अनुसार इस संगठित फर्जीवाड़े से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने एसओजी थाने में प्रकरण संख्या 11/26 दर्ज कराया था। पुलिस अब मामले में अन्य डॉक्टरों और लैब कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
एडीजी विशाल बंसल ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में इस प्रकार का फर्जीवाड़ा गंभीर अपराध है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

