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मप्रः म्यूल बैंक खाते और फर्जी सिम के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

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मप्रः म्यूल बैंक खाते और फर्जी सिम के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार


- म्यूल खाते में पांच करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा

- 04 मोबाइल फोन, 08 एक्टिव सिम, 10 बैंक पासबुक और 11 एटीएम कार्ड जब्त

भोपाल, 07 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश पुलिस साइबर अपराधियों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी दिशा में तकनीकी सूचनाओं, साइबर अपराध संबंधी राष्ट्रीय डेटाबेस और संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की निगरानी के आधार पर चलाए जा रहे ऑपरेशन मेट्रिक्स के तहत इंदौर क्राइम ब्रांच ने संगठित अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा सोमवार को जानकारी दी गई इंदौर क्राइम ब्रांच ने म्यूल बैंक खाते और बैंकिंग ओटीपी से जुड़े सिम कार्ड उपलब्ध कराकर मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड में सहयोग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों से जुड़े एक यूको बैंक खाते में 5 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है तथा यह खाता देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से जुड़ा हुआ है

राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी तथा इंडियन साइबर क्राइम को-आर्डिनेशन सेंटर गृह मंत्रालय, भारत सरकार, एनसआरपी एवं साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त डेटा के आधार पर संदिग्ध म्यूल खातों की जांच की जा रही थी। इसी क्रम में यूको बैंक, महू शाखा, इंदौर के एक संदिग्ध खाते की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। प्रारंभिक जांच में इस म्यूल खाते से 5 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। इस खाते से संबंधित साइबर अपराध की शिकायतें देश के विभिन्न राज्यों से सामने आई हैं, जिनमें तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, गोवा, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित अन्य राज्य शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा अपने बैंक खाते को म्यूल अकाउंट के रूप में उपलब्ध कराया गया था। साथ ही उसके नाम पर पंजीकृत सिम, जिस पर बैंकिंग संबंधी ओटीपी प्राप्त होते थे, अन्य आरोपी को उपलब्ध कराई गई थी। दोनों आरोपियों द्वारा इस व्यवस्था का उपयोग संगठित रूप से मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड एवं आर्थिक धोखाधड़ी में किए जाने की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपियों से पूछताछ कर उनके संपर्क में रहे अन्य व्यक्तियों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, सिम कार्ड तथा साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े नेटवर्क की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से 04 मोबाइल फोन, 08 एक्टिव सिम कार्ड, 10 बैंक अकाउंट पासबुक, 11 एटीएम कार्ड, यूको बैंक का मुख्य म्यूल बैंक खाता, जिसमें 5 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया, जब्त किए गए हैं।

प्रकरण की विवेचना में आरोपियों से प्राप्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खातों एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य संदिग्ध व्यक्तियों तथा अंतर्राज्यीय साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े नेटवर्क के संबंध में पूछताछ एवं वैधानिक कार्रवाई जारी है।

मध्य प्रदेश पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन में सावधानी बरतें। अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड, ओटीपी अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर