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मप्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एसआईटी-एसटीएफ ने भोपाल में सक्रिय नेटवर्क का किया पर्दाफाश

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मप्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एसआईटी-एसटीएफ ने भोपाल में सक्रिय नेटवर्क का किया पर्दाफाश


- व्हाट्सएप कॉल से फिरौती मांगने वाला संगठित गिरोह ध्वस्त, मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

भोपाल, 23 अप्रैल (हि.स.)। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा मध्य प्रदेश में संगठित अपराधों की प्रभावी रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पूर्व में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। इसी के परिप्रेक्ष्य में एसआईटी एवं एसटीएफ द्वारा समन्वित रूप से यह कार्यवाही की गई है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा गुरुवार को जानकारी दी गई कि भोपाल के थाना कोलार रोड क्षेत्र में व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फिरौती मांगने एवं फरियादी के घर की रेकी कर वीडियो बनाकर धमकाने वाले एक संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) एवं विशेष कार्य बल (एसटीएफ), भोपाल की संयुक्त एवं समन्वित कार्रवाई में गिरोह के तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रकरण में आरोपी द्वारा फरियादी को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फिरौती की मांग की गई तथा भय का वातावरण निर्मित करने हेतु उसके निवास की गुप्त रूप से रेकी कर वीडियो तैयार कर उसे भेजा गया। इस प्रकार की सुनियोजित आपराधिक गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं सतत निगरानी के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान 16 अप्रैल 2026 को रेकी कर वीडियो बनाने वाले आरोपी निर्मल तिवारी (निवासी जिला बांदा, उत्तरप्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। विस्तृत पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि उक्त आपराधिक कृत्य के लिए उसे गिरोह के मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा (निवासी जिला बांदा, उत्तरप्रदेश) द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की गई तथा पूरी योजना के संबंध में निर्देशित किया गया था।

निर्मल तिवारी की गिरफ्तारी के उपरांत मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से नेपाल भागने की फिराक में था, जिसे एसआईटी एवं एसटीएफ की टीम द्वारा त्वरित एवं सटीक कार्रवाई करते हुए दिनांक 20 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रकरण में एक अन्य आरोपी जे.पी. डारा (निवासी जिला बीकानेर, राजस्थान) की भूमिका भी महत्वपूर्ण पाई गई, जो गिरोह के सदस्यों को समय-समय पर अपराध के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक संसाधन एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता था। उक्त आरोपी को भी गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिससे गिरोह के अन्य नेटवर्क एवं गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होने की संभावना है।

यह उल्लेखनीय कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी. श्रीनिवास वर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ भोपाल राजेश सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवीन कुमार चौधरी तथा पुलिस अधीक्षक एटीएस वैभव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपन्न की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत