जांजगीर-चांपा में मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश, झारखंड से आकर बाजारों में करते थे चोरी
जांजगीर-चांपा, 22 अक्टूबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना और कोतवाली जांजगीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक मुख्य आरोपित सहित एक विधि से संघर्षरत बालक को आज गुरुवार काे पकड़ा गया है। आरोपिताें के कब्जे से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत एक लाख 14 हजार 500 रुपये बताई गई है।
पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपित झारखंड से छत्तीसगढ़ आकर भीड़भाड़ वाले बाजारों में मोबाइल चोरी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल झारखंड के रास्ते नेपाल भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, 21 अक्टूबर को जांजगीर निवासी धनंजय कुमार शुक्ला ने कोतवाली थाने में मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि शाम करीब 6:30 बजे वे बुधवारी बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी जेब से सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल चोरी कर लिया। इसी तरह शिवनारायण सोनी निवासी जांजगीर, प्रमोद कुमार तिवारी निवासी तागा मुलमुला और संतोष कुमार कश्यप निवासी सलखन ने भी बुधवारी बाजार से मोबाइल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने चारों मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
लगातार मोबाइल चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम आरोपिताें की तलाश में जुट गई। इसी दौरान नैला रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध व्यक्ति के घूमने की सूचना मिली। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहन महतो, निवासी बाबूपुर, थाना तीनपहाड़, जिला साहेबगंज, झारखंड बताया। पुलिस के मुताबिक आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर जांजगीर के साप्ताहिक बाजार में मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित मोहन महतो पिछले 25 से 30 दिनों से चांपा में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। उसके साथ दो अन्य साथी भी रहते थे, जिनमें एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल था। आरोपित चांपा को अपना ठिकाना बनाकर जांजगीर-चांपा सहित आसपास के जिलों के साप्ताहिक बाजारों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल विधि से संघर्षरत बालक को झारखंड के साहेबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र में करीब एक महीने तक मोबाइल चोरी करने का प्रशिक्षण दिया गया था। उसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मूक-बधिर होने का नाटक करते हुए लोगों की जेब से मोबाइल निकालने का तरीका सिखाया गया था। पकड़े जाने पर वह बोलने में असमर्थ होने का अभिनय करता था, जिससे लोग उसे बच्चा समझकर डांट-फटकार लगाने के बाद छोड़ देते थे। इसी तरीके का फायदा उठाकर गिरोह कई स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस के मुताबिक आरोपित चोरी किए गए मोबाइल फोन को झारखंड ले जाते थे, जहां से उन्हें नेपाल भेज दिया जाता था। इस खुलासे के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार आरोपित को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में मोबाइल चोरी की अन्य घटनाओं और गिरोह से जुड़े आरोपिताें का भी खुलासा हो सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

