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नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास

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नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास


बांदा, 26 अक्टूबर (हि.स.)। मिशन शक्ति अभियान और ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी विवेचना एवं मजबूत पैरवी के चलते नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी को न्यायालय ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला वर्ष 2022 में अतर्रा थाना क्षेत्र का है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में की गई प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप यह सजा दिलाई गई।

विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार गुप्ता के अनुसार, 8 अगस्त 2022 को एक महिला ने अतर्रा थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि मटौंध थाना क्षेत्र के दुरेड़ी निवासी वीरेन्द्र उर्फ वीरेन्दा पुत्र बबलू उसकी नाबालिग बेटी को 10 जुलाई 2022 को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।

तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अतर्रा अनूप कुमार दुबे ने मामले की विवेचना करते हुए पीड़िता के बयान दर्ज कराए और मेडिकल परीक्षण सहित आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। इसके बाद पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।

मामले में विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार गुप्ता और शिवपूजन सिंह ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। वहीं, कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी अमित कुमार और पैरोकार आरक्षी अभिजीत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 504 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

पुलिस ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान के तहत ऑपरेशन कन्विक्शन चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ऐसे मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष विवेचना, साक्ष्यों का प्रभावी संकलन और न्यायालय में मजबूत पैरवी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह