मेडिकल स्टोर सचालक को डिजिटल अरेस्ट कर 12 लाख की साइबर ठगी
बांदा, 28 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें जालसाजों ने खुद को ट्राई पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बताकर एक मेडिकल एजेंसी संचालक से करीब 12 लाख रुपये ठग लिए। मामले की शिकायत पर साइबर थाना में शनिवार को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, 17 जनवरी 2026 को पीड़ित के मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को अमित कुमार गुप्ता बताते हुए कहा कि उनका मोबाइल नंबर दो घंटे में बंद कर दिया जाएगा। उसने खुद को ट्राई से जुड़ा अधिकारी बताया और एनओसी के नाम पर मेल करने को कहा। मेल न करने की स्थिति में कॉलर ने महाराष्ट्र के कोलाबा थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात कहकर डराया।
इसके बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए दूसरे व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी संदीप जाधव बताया और कहा कि पीड़ित के नाम से केनरा बैंक, कोलाबा में खाता खोलकर करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। आरोप लगाया गया कि इस मामले में पीड़ित को 49 लाख रुपये कमीशन मिला है और वह मानव तस्करी में भी शामिल है।
जालसाजों ने फर्जी ईडी नोटिस भेजकर लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी रखी और हर दो घंटे में हाजिरी देने का दबाव बनाया। साथ ही संपत्ति, बैंक खाते, एफडी और निवेश की पूरी जानकारी भी हासिल कर ली। इसके बाद कथित जमानत दिलाने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई।
डर और दबाव में आकर पीड़ित ने अपनी पत्नी के खातों से आरटीजीएस के माध्यम से कई किस्तों में कुल 12 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने अंत में क्लीन चिट देने का झांसा भी दिया, लेकिन बाद में सभी नंबर बंद हो गए।
कुछ दिन बाद परिजनों से चर्चा करने पर ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई।
क्षेत्राधिकारी साइबर मेविस टाक का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सम्बंधित बैंक खातों व मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

