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बांदा : मेडिकल कॉलेज परिसर में डॉक्टरों के दो आवासों में चोरी, लाखों के जेवरात ले गए चोर

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बांदा : मेडिकल कॉलेज परिसर में डॉक्टरों के दो आवासों में चोरी, लाखों के जेवरात ले गए चोर


बांदा, 20 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज परिसर में डॉक्टरों और कर्मचारियों के आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीती रात अज्ञात चोरों ने परिसर के टाइप-3 आवासों में रहने वाले डॉक्टर और नर्सिंग ऑफिसर के दो घरों को निशाना बनाकर लाखों रुपये के जेवरात व अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। दोनों वारदातें करीब आधे घंटे के अंतराल में होने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चोरी हुए सामान की कीमत करीब 50 लाख रुपये तक बताई जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान पीड़ितों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सूची और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में मेडिकल कॉलेज के टाइप-3 ब्लॉक-6 स्थित फ्लैट नंबर-5 निवासी डॉ. विकास कनौजिया ने बताया कि 18/19 अगस्त की रात वह घर पर नहीं थे और फ्लैट में ताला लगा हुआ था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और अलमारी तोड़कर उसमें रखे जेवरात चोरी कर लिए।

डॉ. विकास के मुताबिक बाद में जानकारी हुई कि टाइप-3 ब्लॉक-4 के फ्लैट नंबर-2 में रहने वाली नर्सिंग ऑफिसर प्रभा प्रजापति के आवास को भी चोरों ने निशाना बनाया। वहां भी ताला तोड़कर जेवरात चोरी किए गए। दोनों घटनाओं की सूचना पुलिस को देकर मुकदमा दर्ज कर चोरों का जल्द खुलासा करने की मांग की गई है। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह के मुताबिक तहरीर के आधार पर गुरुवार को मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वारदात से जुड़ी कुछ गतिविधियां कैमरों में कैद हुई हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

एक ही परिसर में कम समय के अंतराल में दो आवासों को निशाना बनाए जाने से पुलिस के सामने कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। चोरों ने ऐसे आवासों को चुना, जहां उस समय लोग मौजूद नहीं थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि वारदात से पहले परिसर की गतिविधियों पर नजर रखी गई हो सकती है। पुलिस जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपियों को आवासों की स्थिति, लोगों के आने-जाने और घरों के खाली रहने की जानकारी कैसे मिली। क्या चोरों ने पहले से परिसर की रेकी की थी या उन्हें किसी माध्यम से यह जानकारी मिली थी, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी या परिसर से जुड़े किसी व्यक्ति की संलिप्तता की कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस चौकी भी मौजूद है। इसके अलावा आसपास के आवासों में पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारी और क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी भी रहते हैं। ऐसे में परिसर के भीतर लगातार दो आवासों में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह