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नकली चांदी के जेवर देकर असली चांदी ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

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मऊगंज, 07 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में सर्राफा कारोबारियों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने साेमवार काे पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य दुकानों पर पहुंचकर असली चांदी के जेवर खरीदते थे और भुगतान के दौरान अधिक वजन वाले नकली गिलेट धातु के आभूषण देकर असली चांदी लेकर फरार होने की कोशिश करते थे। ग्राम पटेहरा में सर्राफा दुकानदार की सतर्कता के चलते गिरोह की यह कोशिश नाकाम हो गई।

पुलिस ने मामले में चार महिलाओं सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 60 ग्राम असली चांदी, 180 ग्राम नकली गिलेट के आभूषण, 14,800 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और पूर्व में की गई वारदातों की जानकारी जुटा रही है।

नए चांदी के जेवर खरीदे, बदले में दिए नकली आभूषण

पुलिस के अनुसार, ग्राम पटेहरा स्थित एक सर्राफा दुकान पर चार महिलाएं पहुंचीं और उन्होंने करीब 60 ग्राम वजन के नए चांदी के आभूषण खरीदे। इनकी कीमत लगभग 14,800 रुपये बताई गई। भुगतान के समय महिलाओं ने दुकानदार को करीब 180 ग्राम वजन के पुराने चांदी के जेवर बताए गए आभूषण देने की कोशिश की।

जेवरों का वजन अधिक होने के बावजूद दुकानदार को उनकी धातु और शुद्धता पर संदेह हुआ। उसने तत्काल आभूषणों की जांच कराई। जांच में सामने आया कि महिलाओं द्वारा दिए गए जेवर चांदी के नहीं, बल्कि गिलेट धातु के नकली आभूषण थे। इसके बाद दुकानदार को ठगी की कोशिश का पता चला और उसने पुलिस को सूचना दी।

डायल-112 की मदद से घेराबंदी

सूचना मिलते ही पुलिस ने डायल-112 की सहायता से इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी घटना के बाद क्षेत्र से बाहर निकलने का प्रयास कर सकते हैं। कार्रवाई के दौरान मिर्जापुर की ओर जा रही बस से प्रियंका सोनी और गुंजा सोनी को गिरफ्तार किया गया, जबकि ललिता सोनी को ग्राम पटेहरा से पकड़ा गया।

आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह से जुड़े दो अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने रमिता चौरसिया और उसके भाई मोहन चंद्र चौरसिया को भी गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकार मामले में कुल पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए।

मोबाइल और बरामद सामान की जांच

पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 60 ग्राम असली चांदी, 180 ग्राम नकली गिलेट के आभूषण, 14,800 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस मोबाइल फोन में दर्ज संपर्कों और अन्य जानकारियों की जांच कर रही है, ताकि गिरोह के संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश तक फैले नेटवर्क की आशंका

प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले किन-किन स्थानों पर इसी तरीके से ठगी की और कितने सर्राफा कारोबारियों को निशाना बनाया।

पुलिस आरोपियों की पिछली गतिविधियों, मोबाइल संपर्कों और आवाजाही से जुड़ी जानकारियां भी खंगाल रही है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली गिलेट के आभूषण कहां से हासिल किए जाते थे और उन्हें असली चांदी के जेवर के बदले इस्तेमाल करने की योजना किस तरह तैयार की गई।

दुकानदार की सतर्कता से टली ठगी

मामले में सर्राफा दुकानदार की सतर्कता महत्वपूर्ण साबित हुई। यदि उसने महिलाओं द्वारा दिए गए आभूषणों की धातु और शुद्धता की जांच नहीं कराई होती तो आरोपी असली चांदी के जेवर लेकर नकली गिलेट के आभूषण थमाकर निकल सकते थे। समय रहते जांच होने से ठगी की कोशिश सामने आ गई और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया।

फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का प्रमुख उद्देश्य गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान, पूर्व की वारदातों का पता लगाना और नकली गिलेट के आभूषणों की आपूर्ति के स्रोत तक पहुंचना है। पुलिस को पूछताछ के बाद गिरोह के नेटवर्क को लेकर और महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी