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कर्नाटक में बंधक बनाए गए मऊगंज के 14 मजदूर सकुशल लौटे, रोजगार दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप

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कर्नाटक में बंधक बनाए गए मऊगंज के 14 मजदूर सकुशल लौटे, रोजगार दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप


मऊगंज, 28 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से रोजगार के लिए कर्नाटक गए 14 मजदूरों को कथित तौर पर बंधक बनाकर काम कराने का मामला सामने आया है। प्रशासनिक एवं पुलिस स्तर पर किए गए समन्वित प्रयासों के बाद सभी मजदूरों को सकुशल मुक्त कराकर मंगलवार को उनके गृह जिले मऊगंज पहुंचाया गया।

पीड़ित मजदूरों ने बताया कि उन्हें अधिक मजदूरी, निःशुल्क भोजन और रहने की सुविधा का आश्वासन देकर कर्नाटक ले जाया गया था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें एक फैक्ट्री में काम पर लगा दिया गया, जहां पहले से किए गए वादों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिलीं।

मजदूरों का आरोप है कि उन्हें प्रतिदिन एक हजार रुपये मजदूरी का भरोसा दिया गया था, लेकिन वहां केवल 400 रुपये प्रतिदिन दिए जाते थे। भोजन और रहने का खर्च भी उन्हें स्वयं वहन करना पड़ता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, मानसिक प्रताड़ना दी गई तथा मोबाइल फोन छीन लिए गए, जिससे वे अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर सके।

पीड़ितों के अनुसार, उन्हें कर्नाटक ले जाने वाले कथित दलाल ने स्थानीय ठेकेदार से रकम लेकर वहां से फरार हो गया, जिसके बाद मजदूरों को जबरन काम करने के लिए मजबूर किया गया।

घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने कर्नाटक पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने संबंधित स्थान पर पहुंचकर सभी 14 मजदूरों को मुक्त कराया। उन्हें सुरक्षा के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया तथा आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर मऊगंज रवाना किया गया।

सभी मजदूरों के सकुशल घर लौटने से उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। घटना के बाद रोजगार दिलाने के नाम पर युवाओं को दूसरे राज्यों में भेजने वाले कथित दलालों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, दूसरे राज्यों में काम के लिए जाने वाले श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित किए जाने की आवश्यकता भी जताई है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी