जलभराव वाली जमीन से होगी कमाई, कानपुर में मखाना की खेती को मिलेगा बढ़ावा
-30 हेक्टेयर का लक्ष्य, 40 प्रतिशत प्रतिशत अनुदान और 100 किसानों को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण
कानपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। जनपद में अब जलभराव वाली जमीन भी किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनेगी। उद्यान विभाग ने मखाना की खेती को बढ़ावा देने की योजना शुरू की है। इसके तहत निचले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के किसानों को मखाना उत्पादन के लिए अनुदान, तकनीकी मार्गदर्शन और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग का मानना है कि जहां पारंपरिक फसलें सफल नहीं हो पातीं, वहां मखाना किसानों के लिए अधिक लाभदायक विकल्प साबित हो सकता है।
मखाना की खेती पानी में उसी प्रकार की जाती है, जैसे सिंघाड़े की फसल उगाई जाती है। इसकी बुवाई नवंबर-दिसंबर में होती है और फसल तैयार होने में लगभग सात से आठ माह का समय लगता है। बाजार में इसकी लगातार अच्छी मांग और बेहतर कीमत मिलने से यह किसानों के लिए लाभकारी नकदी फसल के रूप में उभर रही है।
योजना के तहत तालाब में मखाना की खेती पर प्रति हेक्टेयर लगभग एक लाख उन्न्यासी हजार रुपये तथा उथले खेतों में एक लाख बत्तीस हजार रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इस पर किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। वहीं, मखाना प्रोसेसिंग इकाई स्थापित करने पर 35 प्रतिशत अनुदान भी दिया जाएगा, जिससे मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों की आय में और वृद्धि हो सके।
चालू वित्तीय वर्ष में जनपद को 30 हेक्टेयर में मखाना खेती का लक्ष्य मिला है। इसमें तालाबों में सामान्य वर्ग के किसानों के लिए तीन हेक्टेयर तथा अनुसूचित जाति के किसानों के लिए दो हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। उथले खेतों में सामान्य वर्ग के लिए 17 हेक्टेयर, अनुसूचित जाति के लिए सात हेक्टेयर और अनुसूचित जनजाति के लिए एक हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अतिरिक्त चार अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, 50 तुड़ाई उपकरणों के वितरण तथा 100 किसानों के प्रशिक्षण का भी लक्ष्य रखा गया है।
जिला उद्यान अधिकारी उमेश चन्द्र उत्तम ने गुरुवार को बताया कि सरकार की मंशा किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ अधिक लाभ देने वाली वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों के किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। इच्छुक किसान 9151066897 पर संपर्क कर अथवा जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, कानपुर नगर से योजना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास तालाब, उथले खेत अथवा जलभराव वाले खेत की खतौनी होना आवश्यक है। विभाग द्वारा इच्छुक किसानों को निःशुल्क प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

