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औषधि नियंत्रण विभाग की बड़ी कार्रवाई : सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपये की दवाइयों का जखीरा जब्त

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औषधि नियंत्रण विभाग की बड़ी कार्रवाई : सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपये की दवाइयों का जखीरा जब्त


जयपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। प्रदेश में आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में भरतपुर जिले के बयाना तहसील के खटनावाली गांव में एक सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपये की दवाइयों का जखीरा बरामद किया गया है।

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने पर सहायक औषधि नियंत्रक, भरतपुर के नेतृत्व में औषधि नियंत्रण अधिकारियों की टीम ने स्थानीय पुलिस एवं ग्रामीणों के सहयोग से कार्रवाई की। टीम ने सूखे कुएं से करीब 274 कार्टून दवाइयां बरामद कर नियमानुसार जब्त की हैं। बरामद दवाइयों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 5 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि बरामद दवाइयों में मुख्य रूप से हृदय रोग, डायबिटीज और एलर्जी के उपचार में उपयोग होने वाली दवाइयां शामिल हैं। इनमें लोसार-50, जानुमेट, केटोरोल-एम, एलेग्रा-एम और जालरा जैसी दवाइयां शामिल हैं।

औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयों को सूखे कुएं में छिपाकर रखना प्रथम दृष्टया गंभीर और संदिग्ध मामला प्रतीत होता है। बरामद दवाइयों की वास्तविकता, गुणवत्ता, बैच नंबर, निर्माण एवं समाप्ति तिथि, स्रोत तथा पूरी सप्लाई चेन की निर्माता स्तर से विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह भी जांच की जा रही है कि कहीं अवधि-पार दवाइयों को किसी निर्माता, डिपो या सीएंडएफ से अवैध रूप से निकालकर अथवा चोरी कर उनकी अवधि-पार तिथि बदलकर दोबारा बाजार में बेचने के उद्देश्य से तो नहीं छिपाया गया था। इन सभी तथ्यों का सत्यापन जांच और प्रयोगशाला परीक्षण के आधार पर किया जाएगा।

मौके पर औषधि नियंत्रण अधिकारी भरतपुर कोमुदी सिंह द्वारा दवाइयों की गुणवत्ता जांच के लिए 10 नमूने लिए गए हैं। बरामद दवाइयों को जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा रही है।

औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दवाइयों के निर्माता, सप्लाई चेन और संबंधित प्रतिष्ठानों के स्तर पर विस्तृत जांच की जा रही है। मामले की सूचना औषधि नियंत्रक उत्तर प्रदेश, औषधि निरीक्षक आगरा और संबंधित निर्माता कंपनियों के साथ साझा की गई है। इसके बाद आगरा में भी संबंधित दवाइयां जब्त की गई हैं तथा थाना मलपुरा, आगरा में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।

औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा बरामद दवाइयों का निर्माता स्तर पर बैचवार सत्यापन, वितरण एवं सप्लाई से संबंधित अभिलेख प्राप्त किए जा रहे हैं। जांच में यदि दवाइयां नकली, मिलावटी, परिवर्तित अथवा अवैध रूप से बाजार में बेचने से संबंधित पाई जाती हैं, तो कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल