कोडीन सिरप तस्करी गिरोह का मुख्य सरगना आगरा से गिरफ्तार
-रैपर बदलकर करता था नशे के कारोबार की सप्लाई
बांदा, 07 सितंबर (हि.स.) प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन ईगल” के तहत उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले की थाना बिसंडा और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने साेमवार काे कोडीन सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह के मुख्य अभियुक्त को आगरा से गिरफ्तार किया है। आरोपित नई दिल्ली से कोडीन सिरप मंगाकर उसके रैपर बदलता और कूट रचित दस्तावेज तैयार कर उसे मेडिकल स्टोरों के बजाय नशे के कारोबार के लिए महंगे दामों पर सप्लाई करता था।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज का कहना है कि बिसंडा थाना और एसओजी की संयुक्त टीम ने गिरोह के मुख्य अभियुक्त बांदा जिले के कुशवाहा मैरिज हाल के पास रहने वाला प्रियांशु उर्फ किशन को सोमवार को जनपद आगरा से गिरफ्तार किया है।
उन्हाेंने बताया कि 3 सितंबर को यूपी एसटीएफ और थाना बिसंडा की संयुक्त पुलिस टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 60 लाख 45 हजार रुपये कीमत की 250 पेटियों में रखी 30 हजार शीशियां कोडीन सिरप बरामद की थीं। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दो वाहनों को भी कब्जे में लेकर कार्रवाई की गई थी। उस दौरान गिरोह का मुख्य अभियुक्त प्रियांशु उर्फ किशन फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार थाना बिसंडा पुलिस ने उसे आगरा से गिरफ्तार कर लिया। पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तों में बांदा निवासी धीरेंद्र, प्रवीण उर्फ लकी, रोहित और हापुड़ जिले के ग्राम भैना निवासी शेखर शामिल हैं।
प्रियांशु उर्फ किशन इस पूरे तस्करी गिरोह का मुख्य सरगना था। वह नई दिल्ली से कोडीन सिरप लाकर उसके रैपर बदलने और कूट रचित दस्तावेज तैयार करने के बाद अतर्रा, बांदा, चित्रकूट तथा मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में इसकी सप्लाई करता था। सिरप को मेडिकल उपयोग के बजाय नशे के अवैध कारोबार में खपाने के लिए महंगे दामों पर बेचा जाता था।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज का कहना है कि नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

