डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग से 2.5 करोड़ की ठगी करने वाला असम से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
जयपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 90 वर्षीय बुजुर्ग से 2.5 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी के मामले में ज्योति नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक आरोपी को असम से गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर करीब 2000 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपी को पकड़ा। आरोपी ने ठगी की रकम अपने बैंक खाते में प्राप्त कर चेक के जरिए निकाली थी। पुलिस ने पीड़ित के खातों से रकम जिन बैंक खातों में स्थानांतरित हुई, उनमें से कई को डेबिट फ्रीज करवाया है। साथ ही करीब 42 लाख रुपए होल्ड करवाकर रिफंड की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि परिवादी रविंद्र सिंह मनोत ने ज्योति नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 जुलाई 2026 को साइबर ठगों ने उनके 90 वर्षीय मामा गणपत सिंह भंडारी को वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल किया। कॉल करने वाले ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को मुंबई का सीबीआई अधिकारी बताया। उसने बुजुर्ग को कहा कि 50 करोड़ रुपए का हवाला लेन-देन पकड़ा गया है, जिसमें से कुछ रकम उनके बैंक खाते में आई है। आरोपियों ने बुजुर्ग को गिरफ्तारी का डर दिखाकर मानसिक दबाव बनाया। उन्हें धमकाया गया कि सहयोग नहीं करने पर गिरफ्तार कर मुंबई ले जाया जाएगा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी प्रताड़ित किया जाएगा। इसके बाद गिरोह के एक अन्य सदस्य ने खुद को भारतीय रिजर्व बैंक का प्रबंधक बताकर बुजुर्ग से म्यूचुअल फंड से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल कर ली।
आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में 2 करोड़ रुपए से अधिक की रकम स्थानांतरित करवा ली। कुल ठगी की राशि 2.5 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है। ठगी का पता चलने पर पीड़ित परिवार ने ज्योति नगर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्योति नगर थानाधिकारी गुंजन सोनी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खातों से रकम प्राप्त करने वाले विभिन्न बैंक खातों को डेबिट फ्रीज करवाया। करीब 42 लाख रुपए की राशि होल्ड कराकर उसे पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। तकनीकी अनुसंधान में करीब 28 लाख रुपए के लेन-देन से जुड़े आरोपी राहुल हुसैन पुत्र अयूब हुसैन की पहचान हुई। आरोपी काकरीपारा, मनकाचार, दक्षिण सालमारा, असम का निवासी है। पुलिस टीम ने 7 अक्टूबर 2026 को उसे असम से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने ठगी की रकम अपने बैंक खाते में प्राप्त करने के बाद चेक के जरिए निकाली थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लाया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि ठगी की रकम के लेन-देन, गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

