मैहर में तीन गांवों में दबिश, 60 लीटर कच्ची शराब और 2250 किलो महुआ लाहन जब्त
12 प्रकरण दर्ज, दस आरोपित फरार
मैहर, 05 नवंबर (हि.स.)। मध्यप्रदेश के सतना और मैहर में शराब की वैध बिक्री का जिम्मा लाइसेंसी दुकानों और आबकारी विभाग के पास है। इसके बावजूद ग्रामीण अंचलों में महुआ से कच्ची शराब बनाने और अवैध मदिरा बेचने का कारोबार सरकारी व्यवस्था के समानांतर सक्रिय है। दरअसल, मैहर में आबकारी विभाग की हालिया कार्रवाई ने इस पूरे तंत्र की पड़ताल की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
मैहर जिले में बुधवार और गुरुवार को आबकारी विभाग की कार्रवाई ने ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय अवैध शराब निर्माण की एक तस्वीर सामने रखी। ग्राम घुनवारा, करिया माटी और पकरीया में दबिश दी गई। करिया तलाई नदी के किनारे शराब बनाने के एक अड्डे पर आबकारी दल को देखकर वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और वे मौके से भाग निकले।
अलग-अलग ठिकानों से 60 लीटर महुआ निर्मित हाथ भट्टी शराब तथा 2250 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य 2 लाख 31 हजार रुपये बताया गया है। विभाग ने इस मामले में कुल 12 वैधानिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
कार्रवाई के दौरान कनतरी कोल, सुग्रीव कोल, सीता कोल, बुधिया कोल, धरमू कोल, लीला कोल, महाजन कोल, दुरजन कोल, गुलाब बाई, रजनी कोल, छुड़वाही कोल और दुर्गा कोल के नाम सामने आए। विभागीय सूचना के अनुसार इनमें से दस लोग मौके से फरार हो गए। वहीं, यहां से बड़ी मात्रा में महुआ लाहन की बरामदगी यह संकेत देती है कि मामला कुछ लीटर शराब तक सीमित गतिविधि का न हाेकर शराब बनाने की तैयारी और उसके संभावित विस्तार से भी जुड़ा है।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर विदिशा मुखर्जी के निर्देशन में जहरीली शराब के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सहायक आयुक्त आबकारी एसके उरांव के मार्गदर्शन में सहायक जिला आबकारी अधिकारी सूरज नारायण पांडे, लोकेश सिंह और अभिषेक सिंह बघेल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
वहीं, इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पक्ष जनस्वास्थ्य से जुड़ा है। अवैध रूप से बनाई जाने वाली शराब में इस्तेमाल पदार्थों की गुणवत्ता और रासायनिक संरचना पर कोई भरोसेमंद नियंत्रण नहीं होता। उसमें जहरीले रसायनों की मिलावट जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए यह मामला आबकारी राजस्व की चोरी अथवा लाइसेंस व्यवस्था के उल्लंघन तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीण आबादी की सुरक्षा और लोगों की जिंदगी से जुड़ा प्रश्न है।
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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी

