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चन्द्रेसल मठ में महंत की हत्या, संत समाज में रोष

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चन्द्रेसल मठ में महंत की हत्या, संत समाज में रोष


कोटा, 06 जून (हि.स.)। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक चन्द्रेसल मठ में शुक्रवार देर रात हुई सनसनीखेज वारदात ने पूरे हाड़ौती अंचल को झकझोर दिया। अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने मठ के महंत देवानंद महाराज (35) की सोते समय चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी। गंभीर रूप से घायल महंत को उपचार के लिए कोटा के महाराव भीम सिंह अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

करीब 1100 वर्ष पुराने इस मठ में हुई हत्या के बाद संत समाज और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। संतों और परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी तक शव लेने से इनकार कर दिया है तथा अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार देवानंद महाराज मायापुरी अखाड़े से जुड़े थे और मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के रजवाना गांव के निवासी थे। वे पिछले चार वर्षों से चन्द्रेसल गांव स्थित मठ में रहकर धार्मिक गतिविधियों का संचालन कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात कुछ हथियारबंद बदमाश मठ परिसर में घुसे। उस समय देवानंद महाराज और नंदनवन महाराज अपने-अपने कमरों में विश्राम कर रहे थे। बदमाशों ने पहले नंदनवन महाराज को उनके कमरे में बंद कर दिया और फिर देवानंद महाराज के कक्ष में पहुंचकर उन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में उनकी गर्दन और पीठ पर गंभीर घाव आए। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों को जब घटना की जानकारी मिली तो वे मठ पहुंचे, जहां महंत लहूलुहान अवस्था में मिले।

ग्रामीणों ने घायल महंत को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। अस्पताल परिसर और मठ क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। महंत की हत्या की खबर फैलते ही सुबह से बड़ी संख्या में साधु-संत, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और ग्रामीण कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचने लगे। संत समाज ने हत्या की कड़ी निंदा करते हुए आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

अखिल भारतीय संत समिति हाड़ौती मंडल के महामंत्री रामदास महाराज ने कहा कि जब तक पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार नहीं करती, तब तक संत समाज शव नहीं लेगा। इसके बाद संतों ने अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। महामंडलेश्वर हेमा सरस्वती भी अस्पताल पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मंदिर और मठों में रहने वाले साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि धार्मिक स्थलों पर भी संत सुरक्षित नहीं हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

मृतक महंत के छोटे भाई बुधराज गुर्जर ने हत्या को सुनियोजित साजिश बताते हुए दावा किया कि देवानंद महाराज को पहले भी धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मठ और ट्रस्ट से जुड़े विवादों के चलते उनके भाई के खिलाफ साजिश रची जा रही थी।

बुधराज ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 10:15 बजे उनकी महंत से अंतिम बार बातचीत हुई थी। इसके बाद रात में उन्हें फोन कर कोटा बुलाया गया। यहां पहुंचने पर उन्हें हत्या की जानकारी मिली।

एएसपी कोटा सुभाष चंद्र ने बताया कि आरोपितों की तलाश की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।

कोटा शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित चन्द्रेसल मठ हाड़ौती क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल माना जाता है। यहां कई नागा साधुओं की समाधियां और प्राचीन शिव मंदिर स्थित हैं। ऐसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल में हुई हत्या ने संत समाज के साथ-साथ आम लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित