जमानत पर जेल से बाहर आया महंत, दो दिन बाद धूणे के पास पेड़ से लटका मिला शव
नागौर, 09 अगस्त (हि.स.)। जिले के मारवाड़ मूंडवा थाना क्षेत्र के खुड़खुड़ा गांव में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब धूणे के महंत का शव पेड़ से लटका मिला। महंत की पहचान मंगल गिरी महाराज के रूप में हुई है। खास बात यह है कि महंत दो दिन पहले ही जमानत पर रिहा होकर धूणे पर लौटे थे। रविवार सुबह धूणे पर पहुंचे एक श्रद्धालु ने पेड़ से शव लटका देखा और ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही मारवाड़ मूंडवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थानाधिकारी देवीलाल विश्नोई ने बताया कि खुड़खुड़ा धूणे के महंत मंगल गिरी का शव रविवार को पेड़ से लटका मिला। ग्रामीणों के अनुसार शनिवार शाम तक धूणे पर सबकुछ सामान्य था। रविवार सुबह एक श्रद्धालु धूणे पर पहुंचा तो दीवार से सटे पेड़ पर महंत का शव लटका दिखाई दिया। उसने ग्रामीणों को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मंगल गिरी महाराज श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा 14 गढ़ी महंत लक्ष्मणगिरी महाराज की धूणी के महंत थे। इसी धूणा परिसर में 7 मई को उन्होंने एक श्रद्धालु पर तलवार से हमला कर दिया था। बताया गया था कि धूणे की राशि नहीं मिलने को लेकर विवाद हुआ था। हमले के बाद पुलिस ने महंत को गिरफ्तार कर लिया था। करीब तीन महीने पुराने इस मामले में महंत को दो दिन पहले ही जमानत मिली थी और वह वापस धूणे पर आ गए थे। इसके बाद रविवार सुबह उनका शव पेड़ से लटका मिला।
तलवार से हमले की घटना के बाद ग्रामीणों में महंत मंगल गिरी को धूणे पर रखने को लेकर भी मतभेद सामने आया था। एक पक्ष का कहना था कि घटना के बाद उन्हें गांव के धूणे पर नहीं रखा जाना चाहिए, जबकि दूसरा पक्ष उनके समर्थन में था। काफी चर्चा के बाद ग्रामीणों ने मंगल गिरी को धूणे पर रहने की अनुमति दे दी थी। अब जमानत पर लौटने के महज दो दिन बाद महंत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिलने से पूरे गांव में चर्चा का माहौल है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

