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अशोकनगरः जींस पैंट खरीदने के चक्कर में गंवाए 52 हजार, बातों में उलझाकर उड़ाए खाते से पैसे

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अशोकनगरः जींस पैंट खरीदने के चक्कर में गंवाए 52 हजार, बातों में उलझाकर उड़ाए खाते से पैसे


अशोकनगर, 2 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में तमाम जागरूकता अभियानों और पुलिस की चेतावनियों के बावजूद साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शातिर ठग हर दिन नए-नए हथकंडे अपनाकर आम लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं।

ताजा मामला ईसागढ़ क्षेत्र का है, जहां ऑनलाइन जींस पैंट खरीदने के चक्कर में एक युवक के परिवार को करीब 52 हजार रुपये की चपत लग गई। इस संबंध में पीडि़त ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।

बातों के जाल में फंसाया, 5 के बहाने पूछा नंबर:जानकारी के अनुसार, ईसागढ़ निवासी युवक तन्मय वर्मा ने अपने लिए ऑनलाइन एक जींस पैंट बुक की थी। बुकिंग के कुछ समय बाद कथित विक्रेता (ठग) ने उसे फोन किया। ठग ने घर का पता कंफर्म करने के बहाने तन्मय से कहा कि वह उसके खाते में 5 रुपये ट्रांसफर कर रहा है। इसके बाद शातिर अपराधी ने तन्मय को अपनी बातों के जाल में उलझा लिया और चालाकी से उसके एटीएम कार्ड का नंबर और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं।

चार किस्तों में साफ की रकम, हेल्पलाइन नंबर पर भी गफलत:जैसे ही ठग के हाथ कार्ड की डिटेल लगी, उसने तन्मय के परिजनों के बैंक खाते में सेंध लगा दी। ठग ने पहली बार में सीधे 49 हजार (कुल करीब 52 हजार में से पहली बड़ी रकम) पार कर दिए, और उसके बाद तीन बार में 900-900 रुपये करके खाते से उड़ा दिए। खाते से अचानक रकम कटने के मैसेज देखकर परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में पीडि़त परिवार ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। लेकिन जब वे साइबर सेल के दफ्तर पहुंचे, तो वहां पता चला कि जिस नंबर पर उन्होंने शिकायत की थी, वह 1930 का सही प्रोसेस हो ही नहीं पाया था। फिलहाल साइबर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में ले लिया है।

साइबर सेल में रोज पहुंच रही हैं नई शिकायतें:साइबर सेल के दफ्तर में इन दिनों ठगी के शिकार लोगों की कतारें देखने को मिल रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी हर बार नए पैंतरे अपना रहे हैं—कभी पार्सल के नाम पर, कभी लॉटरी तो कभी ऑनलाइन शॉपिंग के वेरिफिकेशन के बहाने। पुलिस ने एक बार फिर आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या ओटीपी की जानकारी साझा न करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार