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सागर: 21 लाख की लकड़ी की अनुमति के बदले मांगी घूस, लोकायुक्त ने रेंजर और क्लर्क को 50 हजार लेते पकड़ा

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सागर: 21 लाख की लकड़ी की अनुमति के बदले मांगी घूस, लोकायुक्त ने रेंजर और क्लर्क को 50 हजार लेते पकड़ा


सागर, 13 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को एक और बड़ी सफलता हासिल की है। बंडा उत्तर वनमंडल में तैनात एक वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) और उनके क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया है। यह पूरी कार्रवाई लकड़ी परिवहन की अनुमति देने के नाम पर की जा रही अवैध वसूली को लेकर हुई है।

शिकायतकर्ता विजय सिंह राजपूत ने लोकायुक्त पुलिस को जानकारी दी थी कि उनके पास लगभग 21 लाख रुपये मूल्य की लकड़ी है। इस लकड़ी को नियमानुसार काटने और परिवहन करने की अनुमति (परमिशन) देने के बदले में रेंजर विकास सेठ और क्लर्क जयप्रकाश तिवारी द्वारा 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।

शिकायतकर्ता पहले ही आरोपियों को 40,000 रुपये दे चुका था। बाकी की राशि के लिए अधिकारी और क्लर्क लगातार दबाव बना रहे थे, जिसके बाद विजय सिंह ने लोकायुक्त की शरण ली।

शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया। सोमवारज को जैसे ही शिकायतकर्ता विजय सिंह राजपूत बाकी की रकम के 50,000 रुपये लेकर रेंजर और क्लर्क के पास पहुँचा, लोकायुक्त की टीम ने दबिश दे दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथों धर दबोचा।

लोकायुक्त टीम ने रेंजर विकास सेठ और क्लर्क जयप्रकाश तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मौके पर कागजी कार्रवाई और आगे की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे